इमरान ने मोदी से मिलने की इच्छा जताई, बोले-आतंकवाद के लिए इस्तेमाल होते रहना हमारे हित में नहीं

0
71

इस्लामाबाद। भारत से शांति वार्ता की कोशिशों के बीच इमरान खान ने पहली बार कहा कि आतंकवाद के लिए पाकिस्तान की धरती का इस्तेमाल हमारे हित में नहीं है। उन्होंने एक बार फिर दोस्ती का हाथ बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने की बात कही। इमरान ने आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं होने के भारत के फैसले का समर्थन किया। साथ ही, कहा कि सीमा पार आतंक फैलाने वालों को आश्रय नहीं देने के लिए पाकिस्तान को अहम कदम उठाने होंगे। भारतीय पत्रकारों से बातचीत करते हुए इमरान ने कहा, पाकिस्तान के लोग भी भारत के साथ संबंध सुधारना चाहते हैं। यहां के लोगों की सोच में काफी बदलाव आया है। मुझे भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात और बातचीत करके खुशी होगी। कश्मीर मुद्दे को सुलझाने को लेकर इमरान ने कहा, नामुमकिन कुछ भी नहीं। मैं किसी भी मुद्दे पर बात करने के लिए तैयार हूं। सेना की मदद से कश्मीर मुद्दा नहीं सुलझाया जा सकता। शांति के लिए पहल एकतरफा नहीं हो सकती। इमरान ने कहा कि हम भारत में आम चुनाव खत्म होने का इंतजार करेंगे। इसके बाद दिल्ली से बात की जाएगी। वहीं, जमात-उद-दावा प्रमुख हाफिज सईद को सजा देने के सवाल पर इमरान ने कहा कि हाफिज सईद पर संयुक्त राष्ट्र ने प्रतिबंध लगा रखा है, जिससे उस पर काफी दबाव है।

हाफिज पर पहले से ही शिकंजा
इस्लामाबाद में भारतीय पत्रकारों से बातचीत में इमरान ने कहा कि इतिहास से हमें सीखना चाहिए, उसमें रहना नहीं चाहिए। हाफिज सईद को दंड देने के सवाल पर उन्होंने कहा, हाफिज सईद के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र का प्रतिबंध है। पहले से ही उस पर शिकंजा कसा हुआ है। बता दें कि एक दिन पहले करतारपुर कॉरिडोर के शिलान्यास कार्यक्रम में इमरान खान ने भारत से संबंध बढ़ाने की बात की थी। हालांकि करतारपुर इवेंट में इमरान ने आतंकवाद पर चुप्पी साधे रखी और धार्मिक कार्यक्रम में कश्मीर का मुद्दा उठा दिया था। इस पर भारत ने कड़ी आपत्ति भी दर्ज कराई। एक दिन बाद गुरुवार को उन्होंने भारतीय पत्रकारों से कहा कि पाकिस्तान के लोग भारत के साथ अमन चाहते हैं। यहां के लोगों की मानसिकता बदल चुकी है।

हम अतीत में नहीं रह सकते
मोस्ट वांटेड आतंकी दाऊद इब्राहिम को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में इमरान ने कहा, हम अतीत में नहीं रह सकते हैं। दरअसल, दाऊद 1993 में मुंबई बम धमाकों का मास्टरमाइंड है और वह लगातार पाकिस्तान में रह रहा है। हाल ही में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी आतंकियों की सूची जारी की थी, जिसमें दाऊद भी शामिल था और उसका पता कराची बताया गया था।

कश्मीर मसले का सैन्य समाधान नहीं
क्या कश्मीर मसले का समाधान संभव है, यह पूछे जाने पर खान ने कहा, लोगों की मानसिकता बदल गई है। कुछ भी असंभव नहीं है। मैं किसी भी मसले पर बात करने के लिए तैयार हूं। कश्मीर के लिए सैन्य समाधान नहीं हो सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि शांति के प्रयास एकतरफा नहीं हो सकते हैं। खान ने कहा, हम नई दिल्ली के रुख के लिए भारत में चुनाव संपन्न होने का इंतजार कर रहे हैं।