चरण स्पर्श हृदय स्पर्श की भावनात्मक प्रक्रिया : राहुल जैन

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रायपुर। जैन इटरनेशनल ट्रेड आँगेर्नाइजेशन द्वारा रविवार को रायपुर स्थित पं. दीन दयाल उपाध्याय आॅडिटोरिय में ‘चरण स्पर्श’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इस आयोजन में अंतराष्ट्रीय प्रखर वक्ता, लेखक एवं प्रेरणास्पद वक्ता राहुल कपूर जैन व्याखान देंगे। कार्यक्रम की पूर्व संध्या पर पत्रकारों से मुखातिब होते हुए उन्होंने बताया कि जीवन मे सुख समृद्वि प्राप्त करने के बाद भी बड़ों का आशीर्वाद एवं प्रसन्नता के बगैर वह सफलता शांति प्रदान करने वाली नहीं बन सकती। चरणस्पर्श से हृदय स्पर्श की आध्यात्मिक, मनोवैज्ञनिक एवं भावनात्मक परिवर्तनों के महत्व का उल्लेख करते हुए संयुक्त परिवार, परस्पर भाई-बहन आदि रिश्तों के महत्व को बताते हुए हमारे उपकारों बड़ों के प्रति आदर, प्रेम, विनय के माध्यम से हम सुख, शांती, तनाव रहित जीवन जी सकते है जिसके कारण अनेक प्रकार के मानसिक, शारिरिक रोगों से हम बच सकते है। योग, ध्यान, विपश्यना भी इसमे सहायक होते हैं। राहल ने 2500 वर्ष प्राचीन महावीर, बुद्ध, राम, कृष्ण की भारतीय संस्कृति का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वास्तव में चरण स्पर्श हृदय स्पर्श की भावनात्मक प्रक्रिया है पर वर्तमान में जो चरण स्पर्श हवा स्पर्श बन गया है। जीवन मे समृद्धि-सफलता, सुख, शांति, तनाव मुक्त जीवन हेतु परंपरा एवं संस्कार का पालन महत्वपूर्ण क्यों है इस विषय पर प्रभावपूर्ण सटीक बात रखकर राहुल ने सभी का दिल जीत लिया।