महिला उत्थान मंडल ने जरुरतमंदो में बांटा कम्बल, कराया भोजन

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रायपुर। संत आशाराम बापू यह संदेश देते हैं कि अपने दुख में रोने वाले मुस्कुराना सीख ले, दूसरों के दुख दर्द में आंसू बहाना सीख ले। आप खाने में मजा नहीं जो औरों को खिलाने में है, जिंदगी है चार दिन की तू किसी के काम आना सीख ले। हाल ही में हुए मौसम परिवर्तन से बढ़ी हुई ठण्ड को अनुभव करते हुए संत आशाराम बापू प्रेरित महिला उत्थान मंडल ने आश्रम परिसर में जरुरतमंद परिवारों के निए सेवा कार्य का आयोजन किया। मंडल की बहनों ने कुछ दिनों पूर्व ही गरीब बस्तियों के जरूरतमंद परिवारों को टोकन बांटकर सोमवारको दोपहर 1 बजे आश्रम में टोकन के साथ आने कहा था। आगंतुक मध्यान्ह से ही उपस्थित रहे। गुरुवंदना से आयोजन शुरू करके भगवन्नारम संकीर्तन, देवमानव हास्य कराया गया। फिर लगभग 50 की संख्या में उपस्थित परिवारों के सदस्यों में कम्बल व नए वर्ष का कैलेंडर वितरण किया गया। सभी ने भरपेट भोजन भंडारे में प्रसाद भी पाया। नर सेवा नारायण सेवा के सिद्धांत को शिरोधार्य कर ललिता यदु, प्रतिभा सिंह, चंद्रा रोहरा, कविता वाधवानी, भारती इसरानी, उर्मिला बहन, नीलिमा कश्यपआदि ने सेवा कर आत्मसंतोष की अनुभूति की।
गिरिजा वाटिका में सत्संग कार्यक्रम
संत आशाराम बापू की शिष्या साध्वी कृष्णा देवी द्वारा गीता भागवत सत्संग 25 दिसम्बर 2018, दोपहर 3:30 बजे से गिरिजा वाटिका, भाटागांव चौक, रायपुर में आयोजित किया गया है।