गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में श्रीवास्तव परिवार का नाम दर्ज

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रायपुर। गोल्डन बुक वर्ल्ड रिकार्ड्स की अधिकृत संवाददाता सोनल राजेश शर्मा ने प्रेसवार्ता में कहा कि बिलासपुर निवासी केके श्रीवास्तव प्रशिक्षण अधीक्षक अपने निवास स्थान बिलासपुर में सपरिवार पिछले 16 वर्षो से राष्ट्र-ध्वज तिरंगा पहराने के कारण गोल्डन बुक आॅफ वर्ल्ड रिकार्ड्स में नाम दर्ज किया है। गोल्डन बुक आॅफ वर्ल्ड रिकार्ड में नाम दर्ज होने पर सर्टिफिकेट और किट प्रदान किया गया। केके श्रीवास्तव अपने परिवार के साथ 26 जनवरी 2002 से तिरंगा अपने निवास पर फहराना प्रारंभ किया था जो आज तक जारी है। श्रीवास्तव ने कहा कि सपरिवार 26 जनवरी 2002 से द्वितीय विश्व युद्ध में घायल, अपंग और मानसिक रूप से विकलांग सैनिकों के पुनर्वास के लिए बनाई गई बैरकों में फहराना शुरू किया। उन्होंने कहा कि सुबह सपरिवार राष्ट्र-ध्वज तिरंगा राष्ट्रगान गाकर फहराते है और सायंकाल पूरे सम्मान के साथ तिरंगे को उतारते है। उन्होंने आगे कहा कि शुरू-शुरू में यह डर जरूर लगता था कि कहीं झंडा फहराना – उतारना न भूल जाऊं। लेकिन पत्नी और बच्चों ने हमेशा सहयोग दिया। उन्होंने कहा कि विद्यालयों, महाविद्यालयों और कौशल विकास तकनीकी संस्थानों में प्रतिदिन तिरंगा फहराया जाना चाहिए।