परम धर्म संसद में संतो ने लाया मोदी सरकार के खिलाफ आलोचना प्रस्ताव

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प्रयागराज। कुंभ में तीन दिवसीय परम धर्म संसद के पहले दिन सोमवार को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और गंगा रक्षा के मुद्दे पर चर्चा हुई। साधु-संतों की सहमति पर मोदी सरकार के खिलाफ आलोचना प्रस्ताव लाया गया। धर्म संसद की अगुआई ज्योतिष एवं द्वारका शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरुपानंद सरस्वती कर रहे हैं। इसमें 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि राम मंदिर को लेकर भाजपा का नजरिया साफ नहीं है। प्रधानमंत्री ने सत्ता मिलने के बाद एक बार भी अयोध्या का रुख नहीं किया। स्वामी स्वरूपानंद ने कहा, राम मंदिर को लेकर संत समाज और जनता को गुमराह किया गया। सत्ता में बैठे लोग मंदिर का निर्माण नहीं करा सकते हैं। प्रयाग से राम मंदिर के शिलान्यास का खाका तैयार किया जाएगा। धर्म संसद में साध्वी पूर्णांबा ने मोदी सरकार के खिलाफ आलोचना प्रस्ताव पेश किया, जिसे संसद ने सर्वसम्मति से पास कर दिया। प्रस्ताव के मुताबिक, पिछले साल वाराणसी में हुई परम धर्म संसद में केंद्र सरकार को राम मंदिर मसले को राष्ट्रीय हित का मुद्दा घोषित करने का सुझाव दिया गया था। ऐसा करने पर कोर्ट 2 हफ्ते में फैसला देने के लिए बाध्य है। लेकिन सरकार इसके लिए अध्यादेश नहीं ला पाई।
अनिरुद्ध रामानमुज दास ने गौ रक्षा पर उठाई आवाज
परम धर्म संसद में श्री जीयरस्वामी मठ जगन्नाथपुरी के श्री संप्रदाय का प्रतिनिधित्व कर रहे प्रतापगढ़ के धर्माचार्य ओम प्रकाश पाण्डेय अनिरुद्ध रामानुज दास ने गाय, गंगा और गायत्री पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि गाय और गंगा भारतीय संस्कृति की पहचान है। वर्तमान में गायों को जिस तरह से खुला छोड़कर अपमानित किया जा रहा है वह किसी से छिपा नहीं है। आज की सरकार न तो गाय की रक्षा कर पा रही है और न ही गंगा को निर्मल बना पा रही है।
राजनीतिक दलों को भी दिया गया न्योता
धर्म संसद के लिए सभी राजनीतिक दलों को न्योता भेजा गया है। इसके लिए 33 सीट आरक्षित की गईं। पहले दिन भाजपा सांसद गोपाल नारायण सिंह और सपा नेता रेवती रमण सिंह पहुंचे। गोपाल नारायण सिंह ने कहा कि राम मंदिर को लेकर सरकार संवैधानिक दायरे के बाहर नहीं जा सकती है। मंदिर निर्माण में देरी के लिए हिंदू समाज जिम्मेदार है। हमें लोकसभा में बहुमत है, लेकिन राज्यसभा में नहीं। सपा नेता मंदिर पर चर्चा में शामिल नहीं हुए, उन्होंने कहा कि वे गंगा सफाई पर बोलने आए हैं।
रामदेव ने योग और प्राणायाम की बारीकियां सिखाईं
योगगुरु बाबा रामदेव ने साधकों को योग और प्राणायाम की बारीकियां सिखाईं। गुरु कार्ष्णि कुंभ मेला शिविर में उन्होंने योगाभ्यास के साथ ही स्वदेशी अपनाओ का नारा दिया। कार्यक्रम में गुरु शरणानंद जी महाराज, स्वामी ज्ञानानंद महाराज, स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज, रमेश भाई ओझा आदि मौजूद थे। शिविर 31 जनवरी तक सुबह 5 से 7.30 बजे तक चलेगा।