यूपी के प्रतापगढ़ में एसपी आफिस के सामने दादी-पोते की हत्या से सनसनी

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प्रतापगढ़। एसपी आफिस के सामने डबल मर्डर की वारदात से शहर में सनसनी गयी है। हत्यारों ने दुस्साहिक वारदात को अंजाम देते हुए दादी और नाती की नृशंस हत्या कर दी है। ड्योढ़ी के एक तरफ पोता तो दूसरी तरफ दादी का शव पड़ा रहा। वजनदार वस्तु से कूच कर हत्या करने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस हमेशा की तरह मौके पर जाँच में जुटी हुई है। घर के अन्य सदस्य प्रयागराज में कुम्भ स्नान करने गए थे। घर लौटने पर लोगों को इस बात की जानकारी हुई तो कोहराम मच गया। जिले में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसा लगता है सरकार का इकबाल खत्म हो गया है और पुलिस बैक फुट पर नजर आ रही। बता दे कि सोमवार की रात एसपी आॅफिस के गेट से चंद कदमो की दूरी पर स्व. मोती लाल गुप्ता की विधवा सरस्वती अपने दो पोतों के साथ घर मे थी। बेटे और बहू कुम्भ स्नान को प्रयागराज गए थे। दोनों पोते सामने के कमरे में अलग अलग बेड पर सो रहे थे जबकि सरस्वती पीछे के कमरे में सो रही थी। जब तीनो गहरी नींद में थे घर मे घुसे हत्यारों ने बड़े पोते अनमोल को वजनदार वस्तु से प्रहार कर मौत के घाट उतार दिया और शव को जमीन पर फेंक दिया। बेड के बगल दीवार दरवाजे और बेड पीछे के हिस्से पर खून के छीटे साफ नजर आ रहे हैं। बगल की बेड पर सोए लगभगग पांच वर्ष के सूरज की जान महज इसलिए बच गई कि छोटा बच्चा रजाई में नजर नहीं आया। पीछे के कमरे में सोई सरस्वती का सर भी कूच कर बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया। बिस्तर के बगल जमीन पर पड़ा शव खुद ही घटना की भयावहता बयान कर रहा है। पूरे कमरे में घसीटे जाने के खून के निशान इस बात की गवाही दे रहे है। बता दे कि घर मे पीछे की तरफ नव निर्माण का कार्य भी चल रहा है। हत्या की घटना को लूट में तब्दील करने को कमरों में रक्खे बक्से और अलमारियों को खोलकर समान को को बिखेर दिया गया। सुबह कुम्भ से लौटने पर इसे देख परिजनों में कोहराम मच गया। एक ओर मृतका का बेटा धर्मेंद्र गुमसुम हो गया है तो वही बहु का रो-रो कर बुरा हाल है। बहू का आरोप अपने पट्टीदारों पर है कि प्रापर्टी के विवाद में हत्या की गई है। इतना ही नहीं खुद पति की भी हत्या की आशंका जता रही है। उसका आरोप है कि पहले भी कई बार मेरे पति को अपने घर बुला कर बुरी तरह मारापीटा गया है। पुलिस अधीक्षक एस आनंद का कहना है घटना को लूट में तब्दील करने की कोशिश की गई है। अगर लूट होती तो कीमती जेवर यू ही नही पड़े होते। यदि बावरिया गिरोह का काम होता तो किचन में सब कुछ सामान्य न होता। जिन पड़ोसियों पर आरोप लगाया जा रहा है वो फरार हैं।