छत्तीसगढ़ में 62 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में मंगलवार को 62 धुर नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। राज्य पुलिस ने इसकी जानकारी दी। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे बड़ी कामयाबीकरार दिया है। बस्तर के पुलिस महानिरीक्षक विवेकानंद सिन्हा ने बताया कि 62 में से 55 नक्सलियों ने नारायणपुर जिले में हथियारों और गोला-बारुद के साथ पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया है। गृहमंत्री ने कहा कि सरकार की आत्मसमर्पण नीति की सफलता नक्सलियों को हिंसा का मार्ग छोड़ने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। आत्मसमर्पण के फौरन बाद उन्होंने ट्वीट किया, मैं राज्य के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह और डीजीपी एवं पुलिस बल को इस बड़ी कामयाबी के लिए बधाई देता हूं। नक्सलियों ने अपने साथ 51 देशी निर्मित हथियारों को सरेंडर किया। इन दिनों छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबल नक्सल प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर सर्च आॅपरेशन कर रही है। ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में नक्सलियों का समर्पण पुलिस के कामयाबी है। पिछले दिनों में बस्तर में ही नक्सलियों ने सुरक्षाबल और मीडियाकर्मियों पर हमला कर दिया था। इस हमले में दूरदर्शन के एक पत्रकार समेत चार लोगों की मौत हो गयी थी। इस घटना की काफी निंदा हुई थी। क्षेत्र में सुरक्षाबलों के लगातार नक्सल विरोधी अभियान से नक्सलियों का जनाधार कमजोर होने लगा है। इस वजह से कई नक्सली सदस्य संगठन छोडकर अपने गांव वापस आ गये हैं एवं मौका मिलने पर समर्पण भी कर सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि नक्सलियों ने पुलिस को जानकारी दी है कि क्षेत्र में नक्सली कमांडरों का लगातार गांव में आना जाना लगा रहता था। लेकिन, सोनपुर गांव में पुलिस शिविर स्थापित होने के बाद तथा सुरक्षाबलों द्वारा क्षेत्र में लगातार अभियान चलाये जाने के बाद इसमें कमी आयी है। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करनेवाले नक्सलियों में जनताना सरकार और जनमिलिशिया के सदस्य हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने बताया कि उन्होंने खोखली माओवादी विचारधारा और उनके शोषण, अत्याचार, भेदभाव और हिंसा से तंग होकर मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला किया है।

सभी कुतुल एरिया कमेटी में सक्रिय रहे

अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करनेवाले नक्सलियों में से 55 नक्सलियों ने हथियार के साथ पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया है। नक्सलियों में से पांच के खिलाफ अदालत ने स्थायी वारंट भी जारी किया था। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करनेवाले नक्सली सदस्य प्रतिबंधित माओवादी संगठन के कुतुल एरिया कमेटी के अंतर्गत तुमेरादि जनताना सरकार में पिछले लगभग 10 वर्षों से सक्रिय थे। नक्सली हिंसक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए सभी एरिया कमेटी में जनताना सरकार का गठन करते हैं। तुमेरादि जनताना सरकार अतिसंवेदनशील और हिंसक श्रेणी में आता है जिसके अंतर्गत तुमेरादि, तुडको, गुमचूर, ताडोबेडा गांव आते हैं। आत्मसमर्पण करनेवाले नक्सलियों से पूछताछ के दौरान जानकारी मिली है कि पिछले कुछ वर्षों से पुलिस के बढ़ते दबाव और सक्रिय नक्सली सदस्यों की लगातार गिरफ्तारी तथा आत्मसमर्पण से नक्सली संगठन कमजोर हुआ है।