सुरक्षा के साथ निर्बाध विद्युत आपूर्ति कंपनी का लक्ष्य : आनंद

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रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कपंनी में नवनियुक्त अभियंताओं के लिये सुरक्षा संग सतत बिद्युत आपूर्ति पर केन्द्रित प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ हुआ। गुढ़ियारी स्थित केन्द्रीय प्रशिक्षण संस्थान में सत्र का शुभारंभ डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के एमडी अंकित आनंद एवं पॉवर होल्डिंग कंपनी के डायरेक्टर (कार्मिक एवं प्रशासन) अजय दुबे के आतिथ्य में हुआ। प्रशिक्षणार्थियों को पॉवर सेक्टर स्कील कांऊसिल नई दिल्ली के विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जायेगा। इस अवसर पर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के एम.डी. अंकित आनंद ने कहा कि अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने वाली एक महत्वपूर्ण कारक बिजली को उपभोक्ताओं तक गुणवत्तापूर्वक पहुंचाने की जवाबदारी अभियंताओं की है। नवनियुक्त अभियंता किताबी ज्ञान को व्यवहारिक ज्ञान में परिवर्तित करके पूर्ण कार्यदक्षता के साथ इसका निर्वहन कर सकते। नई तकनीकी का उपयोग कर अभियंतागण अपनी छवि बेहतर बनाने के साथ साथ कर्मियों से बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकेंगे। अत: नवनियुक्त अभियंता अपने प्रशिक्षण के दौरान लाईनों, ट्रांसफार्मरों, उपकेन्द्रों, उपभोक्ता सेवा संतोष के कार्यों से सीधे जुड़े, यह सबके लिये हितकारी है। होल्डिंग कंपनी के डायरेक्टर अजय दुबे ने कहा कि विश्व स्तर पर भी बिजली को मानव जीवन की मूलभूत आवश्यकता बताई गई है। इसलिये पॉवर सेक्टर में स्मार्टनेस पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रारंभ में मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनोद बिहारी ने बताया कि मंत्रालय भारत सरकार द्वारा प्रायोजित विद्युत क्षेत्रीय कौशल परिषद की स्थापना वर्ष 1914-15 में हुई थी। आभार प्रदर्शन केन्द्रीय प्रशिक्षण संस्थान के मुख्य अभियंता आर.बी. त्रिपाठी ने करते हुये कहा कि कंपनी के कनिष्ठ अभियंता सबसे छोटी इकाई वितरण केन्द्रों मे सेवारत होते हैं। कार्यक्रम में कार्यपालक निदेशक कैलाश नारनवरे, जे.एस.नेताम, आर.के.अवस्थी, के.एस.मनोठिया, आर.के.तिवारी, ए.पी.सिंह, व्ही.के. साय सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारीगण उपस्थित थे।
अभियंताओं के लिये दी गई टिप्स
–निर्विवाद छवि के प्रति सजगता
–तकनीकी कार्य में दक्षता
–उपभोक्ता समस्या का त्वरित निदान
–कार्य स्थल पर सतत उपलब्धता
–विपरीत परिस्थितियों में संतुलन
–अधीनस्थ कर्मियों से बेहतर तालमेल
–बिना झिझक सीखने की ललक