संत एवं करपात्री जी के अनुयायी लड़ेंगे चुनाव : ओमप्रकाश पांडे अनिरुद्ध रामानुज दास

0
145

प्रतापगढ़ । रामानुज आश्रम में धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी के शिष्य एवं अखिल भारतीय रामराज परिषद के राष्ट्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष शिव गोपाल शुक्ला तथा सुराज करपात्री पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश पांडे अनिरुद्ध रामानुज दास में काफी विचार-विमर्श के बाद यह तय पाया गया कि लोकसभा चुनाव में दोनों पार्टी की ओर से संयुक्त रूप से 100 प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे। इस संबंध में शिव गोपाल शुक्ला ने कहा कि अर्ध कुंभ मेले में संतो के बीच बहुत ही गोपनीय ढंग से इसकी तैयारी हुई, क्योंकि मुख्यमंत्री ने कुछ संतों का सम्मान दिखावे के लिए किया। जबकि माननीय मुख्यमंत्री जी पूज्य शंकराचार्यजी, करपात्री जी के अनुयायियो एवं रामानुज संप्रदाय तथा रामानंदाचार्य संप्रदाय के संतों से मिलना आवश्यक भी नहीं समझा । यही संत हमारे सनातन धर्म की धुरी हैं। कुछ अखाड़ो को विशेष सुविधा सरकार ने प्रदान किया। संतो को फोड़ने की साजिश किया। कल्प वासियों को संगम से 10 किलोमीटर दूर बसाया गया। जिससे संगम स्नान करने पहुंच ही नहीं पाते थे ।विदेशों में दिखावा के लिए लाखों रुपए किराए के टेंट बढ़िया सुसज्जित किए गए थे। जहां पर विदेशी नशे का सेवन कर हमारे सनातन धर्म की संस्कृति पर तपोभूमि पर कुठाराघात करते थे। यह सरकार अपने वादे पर विफल रही है। अयोध्या में हनुमानगढ़ी के महंत बंसी दास बाबा एवं संतों से भी चर्चा हुई 15 मार्च को नैमिषारण्य एवं 16 मार्च को वृंदावन में संतों के बीच में आखिरी निर्णय लिया जाएगा ।इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जिन मुद्दों को लेकर सरकार बनी थी आज एक भी मुद्दे उन्हें याद नहीं रहे। राम मंदिर का निर्माण ,धारा 370 की समाप्ति ,कश्मीर में ब्राह्मणों की वापसी, 1500000 प्रति व्यक्ति के खाते में आने की, गौ हत्या बंद करने का वादा,2 करोड़ नौजवानों को प्रत्येक वर्ष रोजगार देने की बात, गंगा की निर्मलता यह सब बातें खोखली साबित हुयी। एससी/ एसटी एक्ट के जरिए अगड़ी जाति के लोगों को परेशान करने हेतु सुप्रीम कोर्ट के आदेश को उन्होंने पलटने का कार्य किया। साजिश के तहत मंदिरों में दलितों को पुजारी बनाने की स्कीम चल रही है। इसलिए हम सब संतो के साथ मिलकर यह चुनाव लड़ेंगे। ओमप्रकाश पांडे अनिरुद्ध रामानुज दास ने कहा कि करपात्री जी कहते थे “धर्म सापेक्ष राजनीत होनी चाहिए”। धर्म नीति का पति है और धर्म के बिना राजनीति विधवा के समान है। हमें ऐसा रामराज चाहिए “जहां नहिं दरिद्र कोउ दुखी न दीना” इसलिए हम संतो के साथ मिलकर यह चुनाव लड़ेंगे।कुछ सीटों पर ईमानदार कर्मठ एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ,लोकतंत्र रक्षक सेनानी परिवार से चुनाव लड़ने वाले लोगों का हम समर्थन भी करेंगे।