आईएएस अफसरों पर कौन लगाएगा नकेल

0
56

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री व बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती के करीबी पूर्व आईएएस नेतराम के ठिकानों पर आयकर छापे के दौरान करीब सौ करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों का ब्योरा मिलने की संभावना व्यक्त की गयी है। वहीं इनके अलग-अलग आवासों से दो करोड़ रुपये से अधिक कैश बरामद हुआ है। तीस से अधिक शेल कंपनियों में निवेश की जानकारी भी सामने आई है। इसके अलावा हवाला कारोबार में भी जुड़े होने की कुछ सबूत मिले हैं। कई बेनामी अचल संपत्तियां होने की भी आशंका है। उत्तर प्रदेश की बसपा सरकार में प्रमुख सचिव रहे और बसपा प्रमुख मायावती के करीबी पूर्व आईएएस अधिकारी नेतराम के दिल्ली से लेकर लखनऊ तक कई ठिकानों पर आयकर छापे की कार्रवाई खासी चौंकाने वाली रही।


रमेश पाण्डेय, वरिष्ठ पत्रकार

आयकर विभाग के अनुसार अब की कार्रवाई में नेतराम के लखनऊ के आवास से लाखों रुपये, दिल्ली स्थित एक मकान से 86 लाख रुपये और उनसे जुड़े एक व्यक्ति से लाखों रुपये नकद मिले हैं। इसके अलावा 50 लाख रुपये एक लॉकर में रखे होने की जानकारी सामने आयी है। आशंका जताई जा रही है कि नेतराम की 30 मुखौटा कंपनियां हैं। उनमें उनके करीबी, रिश्तेदार और परिवार के सदस्य शेयरधारक और निदेशक हैं। इन्हीं करीबियों के जरिए कंपनियों का कामकाज कागजों में चलाया जा रहा था। आयकर अधिकारियों ने बताया कि अपने रिश्तेदारों को इन कंपनियों के शेयर उपहार में दिए थे। उनके आरोप हैं कि बच्चे इन कंपनियों के बैंक खातों को चलाते हैं। इन कंपनियों के माध्यम से कोलकाता के हवाला आॅपरेटर के माध्यम से 95 करोड़ रुपये लिए थे। इसकी इंट्री खातों में दिखी। बाद में इस पैसे से कई जमीनें खरीदी गईं। इसके अलावा डायरियां मिली हैं, जिनमें हाथ से इंट्री दर्ज हैं और अन्य ब्यौरा लिखा गया है कि किस तरह इन शेल कंपनियों को खरीदा और निवेश किया गया। नेतराम के पास 50 लाख रुपये का बेशकीमती मोंट ब्लांक पेन बरामद हुआ है। इसके अलावा अलग-अलग ठिकानों से चार बेनामी लग्जरी कारें मिली हैं। इनमें दो मर्सडीज और दो फार्रच्यूनर हैं। लखनऊ और दिल्ली में उनके मकानों पर मिनी थिएटर, जिम, बेहद कीमती इंटीरियर और फिटिंग्स मिले हैं। यह किस्सा अकेले नेतराम का नहीं है। समय-समय पर देश के अलाग-अलग हिस्सों से आईएएस अफसरों के भ्रष्टाचार के मामले सामने आते रहते हैं। समाज में आईएएस अफसरों में ‘ज्ञान का भण्डार’ होता है, ऐसी मान्यता है। आईएएस अफसर ईमानदार होते हैं, ऐसा भी भरोसा उनके प्रति अभी समाज में है। पर नेतराम जैसे पूर्व आईएएस अधिकारियों के कारनामों के खुलासे से आईएएस अफसरों की छवि समाज में नकारात्मक बन रही है। ऐसे में आईएएस अफसरों को खुद गाइड लाइन बनाने की जरुरत है ताकि वे इस पद की गरिमा और भरोसे को जनता के बीच कायम रख सके।