लखनऊ : उत्तराखंड महोत्सव के छठे दिन बुधवार को कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति देकर लोगों का मन मोहा । इस मौके पर मुख्य अतिथि लखनऊ की महापौर समिति संयुक्ता भाटिया एवं उत्तर प्रदेश सिंधी अकेडमी के उपाध्यक्ष नानक चंद लखमानी, सांसद पुत्र नीरज सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे।इस मौके पर महापौर श्रीमती संयुक्ता भाटिया ने कहा कि उत्तराखंड देव भूमि है, गंगा के उद्गम स्थल के साथ यहाँ के अनेकों धार्मिक एवं पवित्र स्थानों का अपना ही महत्त्व है । महापौर ने मेले का इतिहासिक महत्व बताते हुए हुए कहा कि इस मेले का प्रारंभ उत्तराखंड शहर बागेश्वर के अंतर्गत सरयू गोमती व सुप्त भागीरथी नदियों के पावन संगम पर हुआ था, जिससे इसकी पवित्रता का अहसास होता हैं।

महापौर ने आगे कहा कि उत्तराखंड महोत्सव लखनऊ और उत्तराखंड के बीच मे संबंध स्थापित करने एवं एक दूसरे की संस्कृति का हिस्सा बनने का अवसर प्रदान करता है. महापौर ने आगे कहा कि सांस्कृतिक महोत्सव हमें इकट्ठा होने का मौका देते हैं। आज किसी के पास समय नहीं है, ऐसे में हम यहां तनाव मुक्त होकर एक दूसरे से मिलने एवं उनकी संस्कृति से परिचित होने का अवसर प्रदान करता है । इस मौके पर सिंधी अकादेमी के उपाध्यक्ष नानक चंद लखमानी ने कहा कि लखनऊ में 10 दिवसीय महोत्सव में न केवल उत्तराखंड, बल्कि अन्य प्रदेशों की सांस्कृतिक विधाओं से भी लोग परिचित हुए  है।इस मौके पर महापौर संयुक्ता भाटिया जी के साथ सिंधी अकादेमी के उपाध्यक्ष नानक चंद लखमानी, भाजपा नेता सांसद पुत्र नीरज सिंह, उत्तराखंड महापरिषद के अध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट, महासचिव हरीश चंद पंत, युवा नेता चेतन सिंह बिष्ट, पार्षद हर्षित दिक्सित, पूर्व पार्षद प्रमोद सिंह , सीता नेगी सहित अन्य गणमान्य जन उपस्थित रहे ।