अयोध्या धर्मसभा में रामभद्राचार्य ने कहा-भाजपा ही बनाएगी मंदिर

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अयोध्या। विश्व हिंदू परिषद ने 25 नवंबर 2018 को अयोध्या में धर्मसभा में अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण को लेकर हुंकार भरी है। विहिप के उपाध्यक्ष चंपत राय ने दो-टूक कहा है कि अयोध्या में अब जमीन का बंटवारा बर्दाश्त नहीं है। धर्मसभा में तुलसी पीठाधीश्वर चित्रकूट रामभद्राचार्य बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा धर्म सभा में आए संत कम पढ़े लिखे हैं, इनको कौन समझाए। उन्होंने कहा कि भाजपा पर विश्वास करें। भाजपा ही राम मंदिर बनाएगी। उन्होंने कहा कि सब अति विश्वास में धोखे में रहे है। हमको पता है कि चुनाव बाद भाजपा राम मंदिर पर पहल करेगी। अयोध्या में राम मंदिर को लेकर स्वामी रामभद्राचार्य ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय मंत्री ने भरोसा दिलाया है कि 11 दिसंबर के बाद सरकार राम मंदिर बनाने को लेकर बड़ा ऐलान करेगी। यहां पर बड़ी संख्या में लोगो के साथ महिलाएं भी शामिल हुईं। यहां पर नौजवानों ने भी हुंकार भरी। इन लोगों ने कहा कि अब याचना नहीं रण होगा। इस बैनर के साथ कई जिले के नवयुवकों ने धर्म सभा में भरी हुंकार। इन सभी ने एक स्वर से कहा कि संत कहे तो अभी से शुरू हो जाए काम। नवयुवकों ने यहां धर्म सभा में जोश दिखाया। बड़ा भक्तमाल की बगिया में पहुंचे राम भक्तों ने कहा कि राम मंदिर बनवाने की दिशा में यहां से शंखनाद होगा। विश्व हिन्दू परिषद के उपाध्यक्ष चंपत राय ने यहां धर्मसभा में कहा कि अब हमारे सब्र की परीक्षा मत लें। जमीन बंटवारे का फामूर्ला हमें मंजूर नहीं है। सुन्नी वक्फ बोर्ड अपना दावा वापस ले। हमको यहां पर राम मंदिर बनवाने के लिए पूरी जमीन की जरूरत है। वीएचपी के उपाध्यक्ष चंपत राय ने कहा कि छीन कर गई जमीन पर नमाज हमें स्वीकार नहीं है। यह जमीन जबरदस्ती ली गई है। धर्मसभा की अध्यक्षता करते हुए युग पुरुष स्वामी परमानंद महराज ने कहा कि मुसलमानों को रामजन्म भूमि हिंदुओं को सौंप देनी चाहिए। यदि अब कानून बनाने की नौबत आई तो फिर हिंदू समाज काशी और मथुरा के धर्मस्थल भी इसी तरह हासिल करेगा। उन्होंने कहाकि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कोर्ट में यह आश्वासन दिया था कि यदि विवादित स्थल पर पहले से मंदिर होने की पुष्टि हो जाये तो फिर राम जन्मभूमि पर मुसलमान स्वत: ही अपना दावा छोड़ देंगे। स्वामी परमानंद ने कहा कि हिन्दू धर्मस्थलों को तोड़ने का पाप मुस्लिम शासकों ने किया था। आम मुसलमानों को अपने आप को उनके गलत कृत्य से नही जोड़ना चाहिए।