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छत्तीसगढ़ में दादा समेत 10 कैडर नक्सलियों ने किया सरेंडर

छत्तीसगढ़ में दादा समेत 10 कैडर नक्सलियों ने किया सरेंडर

रायपुर, 28 नवंबर 2025। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 60वीं अखिल भारतीय पुलिस महानिदेशक/महानिरीक्षक कॉन्फ्रेंस शुरू होने से महज कुछ घंटे पहले बस्तर को नक्सलवाद के खिलाफ ऐतिहासिक सफलता मिली। इस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी शामिल होंगे। कॉन्फ्रेंस में मुख्यत: देश से नक्सलवाद के खात्मे पर रणनीति बनेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश से नक्सलवाद खत्म करने की डेडलाइन मार्च 2026 घोषित कर रखी है।


कई बड़ी वारदातों में शामिल रहे

दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी) के वरिष्ठ सदस्य चैतू उर्फ श्याम दादा सहित 10 कैडराइज्ड माओवादियों ने जगदलपुर में बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। इन नक्सलियों पर कुल 65 लाख रुपये का ईनाम घोषित था।

सरेंडर करने वालों में डीकेएसजेडसी सदस्य चैतू के अलावा प्लाटून नंबर-16, 37 व अन्य क्षेत्रीय कमेटियों के सक्रिय सदस्य शामिल हैं। इनके पास से एक एके-47, एक एसएलआर, दो इनसास रायफल सहित भारी मात्रा में हथियार व गोला-बारूद भी बरामद हुए। ये नक्सली पिछले कई वर्षों से बीजापुर-सुकमा-दंतेवाड़ा सीमा क्षेत्र में सक्रिय थे और कई बड़ी वारदातों में शामिल रहे।


नक्सल संगठन के लिए गहरा झटका

आईजी सुंदरराज पी. ने बताया कि राज्य सरकार की पुनर्वास नीति अ‍ैर लगातार दबाव व विकास कार्यों के विस्तार से नक्सलियों का मनोबल टूट रहा है। यह सरेंडर प्रधानमंत्री के रायपुर आगमन और डीजी कॉन्फ्रेंस से ठीक पहले हुआ है, जो छत्तीसगढ़ पुलिस व सुरक्षा बलों के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि चैतू जैसे वरिष्ठ कैडर का मुख्यधारा में लौटना नक्सल संगठन के लिए गहरा झटका है। सरेंडर करने वाले नक्सलियों को राज्य सरकार की नीति के तहत प्रोत्साहन राशि, आवास, रोजगार व सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।

पिछले तीन वर्षों में छत्तीसगढ़ में 900 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिनमें 150 से अधिक पर 1 लाख या उससे अधिक का इनाम था। बस्तर पुलिस ने इसे नक्सलवाद उन्मूलन की दिशा में मील का पत्थर बताया। विशेषज्ञों का मानना है कि रायपुर में हो रही उच्चस्तरीय सुरक्षा बैठक से ठीक पहले यह सरेंडर केंद्र व राज्य सरकार की रणनीति की सफलता का स्पष्ट संदेश है।