• Home
  • छत्तीसगढ़
  • मुख्यधारा में लौटे 41 माओवादी कैडर, बस्तर में शांति की नई शुरुआत
मुख्यधारा में लौटे 41 माओवादी कैडर

मुख्यधारा में लौटे 41 माओवादी कैडर, बस्तर में शांति की नई शुरुआत

रायपुर, 26 नवंबर 2025। छत्तीसगढ़ शासन की व्यापक नक्सल उन्मूलन और पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन नीति के प्रभाव से बस्तर में शांति स्थापना के प्रयास लगातार मजबूत हो रहे हैं। इसी क्रम में 26 नवंबर 2025 को बीजापुर जिले में 41 माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। इन पर कुल 1 करोड़ 19 लाख रुपये का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण करने वालों में 12 महिला और 29 पुरुष कैडर शामिल हैं, जिनमें साउथ सब जोनल ब्यूरो के 39 माओवादी भी शामिल हैं।

इन कैडरों में पीएलजीए बटालियन-01, विभिन्न कंपनियों के पार्टी सदस्य, एरिया कमेटी सदस्य, प्लाटून कमांडर, मिलिशिया सदस्य, जनताना सरकार के पदाधिकारी समेत कुल 41 लोग शामिल हैं। इसके अलावा तेलंगाना स्टेट कमेटी, धमतरी-गरियाबंद-नुआपाड़ डिवीजन और डीकेएसजेडसी से जुड़े माओवादी भी आत्मसमर्पण करने वालों में हैं। राज्य में कठोर कार्रवाई और संवाद-आधारित नीति के कारण नक्सल संगठन कमजोर हुए हैं।

1 जनवरी 2025 से अब तक 528 माओवादी गिरफ्तार, 560 मुख्यधारा में शामिल और 144 मारे गए हैं। वहीं 1 जनवरी 2024 से अब तक 790 माओवादी मुख्यधारा में लौटे, 1031 गिरफ्तार तथा 202 मारे गए हैं। बीजापुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव के मार्गदर्शन में सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्रवाई ने इस आत्मसमर्पण को संभव बनाया। प्रत्येक समर्पित कैडर को पुनर्वास नीति के तहत 50,000 रुपये की तत्काल सहायता प्रदान की जाएगी।

बीजापुर एसपी डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार की नीतियां माओवादियों को सम्मानजनक जीवन की ओर लौटने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उन्होंने माओवादियों से अपील की कि वे हिंसक विचारधारा छोड़कर लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास जताएं। इन 41 कैडरों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जो बस्तर में शांति और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।