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प्रतापगढ़ में सिविल डिफेंस का गठन

प्रतापगढ़ में सिविल डिफेंस का गठन, डीएम ने दी जानकारी

प्रतापगढ़, 23 जनवरी 2026। यूपी के प्रतापगढ़ जिले के लिए यह गर्व का विषय है कि यहां भी सिविल डिफेंस की ईकाई का गठन कर दिया गया है। इस बात की जानकारी शुक्रवार 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी की जयंती पर डीएम शिव सहाय अवस्थी ने दी।

डीएम श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिन जनपदों में सिविल डिफेन्स की इकाई नहीं थी, वहां इसकी स्थापना की जा रही है। इसी क्रम में प्रतापगढ़ जनपद में भी सिविल डिफेन्स का गठन कर दिया गया है, जो वर्तमान में सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस में संचालित हो रहा है।

सिविल डिफेंस के गठन का उद्देश्य

सिविल डिफेंस के गठन का उद्देश्य युद्ध, प्राकृतिक आपदा या किसी भी आपात स्थिति में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है। इसके गठन से समाज, प्रशासन और राष्ट्र तीनों स्तरों पर कई महत्वपूर्ण फायदे मिलते हैं।

  • सिविल डिफेंस का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपातकालीन परिस्थितियों में जान-माल की क्षति को न्यूनतम किया जा सकता है। बमबारी, आगजनी, भूकंप, बाढ़, औद्योगिक दुर्घटना या आतंकी हमले जैसी स्थितियों में प्रशिक्षित स्वयंसेवक लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, प्राथमिक उपचार देने और राहत कार्य में मदद करते हैं।
  • आपदा के समय पुलिस, सेना और प्रशासन पर अत्यधिक दबाव होता है। सिविल डिफेंस के प्रशिक्षित सदस्य प्रशासन के सहयोगी बनकर राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों को तेज और प्रभावी बनाते हैं। इससे सरकारी तंत्र अकेला नहीं पड़ता और संसाधनों का बेहतर उपयोग होता है।
  • सिविल डिफेंस नागरिकों को आपदा से पहले ही सतर्क और जागरूक बनाता है। मॉक ड्रिल, प्रशिक्षण शिविर और जागरूकता अभियानों के माध्यम से लोगों को यह सिखाया जाता है कि संकट के समय कैसे व्यवहार करें, अफवाहों से कैसे बचें और स्वयं व दूसरों की सुरक्षा कैसे करें।
  • युद्ध या बाहरी आक्रमण की स्थिति में सिविल डिफेंस देश की आंतरिक सुरक्षा की एक मजबूत कड़ी बनता है। ब्लैकआउट, संचार व्यवस्था, नागरिक ठिकानों की सुरक्षा और आवश्यक सेवाओं की निरंतरता बनाए रखने में इसकी भूमिका अहम होती है।
  • स्थानीय स्तर पर गठित होने के कारण सिविल डिफेंस किसी भी घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया दे सकता है। शुरुआती कुछ घंटे सबसे महत्वपूर्ण होते हैं, और इसी दौरान सिविल डिफेंस के स्वयंसेवक राहत पहुंचाकर बड़े नुकसान को रोक सकते हैं।
  • सिविल डिफेंस नागरिकों में अनुशासन, सेवा भाव और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देता है। लोग जाति, धर्म या वर्ग से ऊपर उठकर मानवता के लिए काम करते हैं, जिससे सामाजिक एकता मजबूत होती है।
  • युवाओं को सिविल डिफेंस से जुड़कर अनुशासन, नेतृत्व, प्राथमिक चिकित्सा और आपदा प्रबंधन जैसे कौशल सीखने का अवसर मिलता है, जो उनके व्यक्तिगत और सामाजिक विकास में सहायक होते हैं।

मॉक ड्रिल का आयोजन कर परखी व्यवस्था

पुलिस लाइन परिसर में डीएम शिव सहाय अवस्थी और एसपी दीपक भूकर की उपस्थिति में ब्लैकआउट एवं मॉक ड्रिल आयोजन किया गया। असामाजिक तत्वों द्वारा पुलिस लाइन परिसर में बम के माध्यम से हवाई हमला किया गया जैसे ही जिला प्रशासन को जानकारी मिली तत्काल प्रशासन द्वारा विद्युत आपूर्ति बाधित की गयी और सायरन बजाकर आम नागरिकों सहित समस्त अधिकारियों कर्मचारियों को अलर्ट किया गया।

तत्काल पुलिस बल, अग्निशमन, होमगार्ड, एनसीसी कैडेट व चिकित्सा की टीमें पहुॅची और बम के माध्यम से लगी हुई आग को अग्निशमन दमकल द्वारा पानी के माध्यम से बुझाया गया और रेसक्यू टीमों द्वारा हमले से घायल हुये लोगों को निकाला गया और उन्हें 108 एम्बुलेन्स के माध्यम से मेडिकल कालेज में चिकित्सीय उपचार हेतु भेजा गया तथा अन्य लोगों को रेस्क्यू टीमों द्वारा सकुशल बचाया गया।

माकड्रिल में क्या हुआ

  • माकड्रिल के दौरान मेडिकल कालेज पहुॅचने घायलों के उपचार हेतु रेड जोन, यलो जोन, ग्रीन जोन व ब्लैक जोन बनाये गये।
  • हवाई हमले में घायल व्यक्तियों को तत्काल इमरजेन्सी वार्ड लें जाया गया जहां पर डाक्टरों द्वारा परीक्षण कर घायल व्यक्तियों की स्थिति को देखकर अलग अलग जोन में भेजा गया।
  • यहां पर मौजूद डाक्टरों घायलों का चिकित्सकीय उपचार किया गया।
  • हवाई हमले में मृतक व्यक्तियों को ब्लैक जोन में रखा गया।
  • पुलिस लाइन परिसर में मॉक ड्रिल के दौरान एलपीजी गैस सिलेण्डर में आग लगने पर उसको बुझाने के विभिन्न तरीकों के बारे में माक ड्रिल कर लोगो को जागरूक किया गया।

कार्यक्रम के माध्यम से आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया और नागरिकों को सुरक्षित व जिम्मेदार भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया। मॉकड्रिल कार्यक्रम में आपदा प्रबंधन विभाग, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग, नगर पालिका, होमगार्ड, स्वयंसेवक, एनसीसी सहित सभी विभागों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

इस अवसर पर उपजिलाधिकारी पट्टी/प्रभारी उप नियंत्रक नागरिक सुरक्षा अनुराग सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डा एएन प्रसाद, जिला आपदा विशेषज्ञ अनुपम शेखर तिवारी सहित समाजसेवीगण, सम्भ्रान्त नागरिक, व्यापारी/उद्यमी सहित समस्त सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मो अनीस द्वारा किया गया।