छत्तीसगढ़ के चर्चित समाजसेवी बसंत अग्रवाल शनिवार 24 जनवरी को मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने बताया कि उनकी बढ़ती लोकप्रियता से चिढ़े वामपंथी विचारधारा वाले सोशल मीडिया के माध्यम से उनकी छवि खराब कर रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ वह कानूनी कार्रवाई करेंगे।
रायपुर, 24 जनवरी 2026। समाजसेवी बसंत अग्रवाल के खिलाफ पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर अनाप-शनाप आरोप लगाये जा रहे हैं। इन सभी मुद्दो को लेकर शनिवार 24 जनवरी को रायपुर में उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस बुलाई।
प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कतिपय लोगो द्वारा लगाए जा रहे आरोपो पर मीडिया के सामने सफाई दी। उन्होने कहा कि आरोप लगाने वाले को पहले तथ्यों की छानबीन कर लेना चाहिए। जिन लोगों ने उनके खिलाफ बिना तथ्यात्मक आरोप लगाए है उन सभी को वे मानहानि का नोटिस भेजने वाले हैं।
उन्होंने बताया कि जमीन के एक लाख क्या एक करोड़ मामले सिविल न्यायालय में चल रहे है। लेकिन अगर उनका नाम कहीं पर आए तो, आरोप लगाने से पहले इसके तथ्यों की जानकारी ले लें। उन्होंने एक ढाबे के संचालक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि, वह वसूली का काम करता था और संबंधित जमीन पर अवैध कब्जा कर बैठा है।
आरोप है कि उसने उनसे चार लाख रुपये की मांग की है। इस मामले में वे मानहानि के साथ-साथ एफआईआर भी दर्ज कराएंगे। श्री अग्रवाल ने कहा कि किसी की निजी जमीन पर बुलडोजर नहीं चलाया जा सकता है।
अगर निस्तारी के लिए जगह है तो, नहीं है तो चारों तरफ के किसानों को सूचित किया जाता है फिर जहां पर रास्ता बनाने की सहमति बनती है उस मालिक से सहमति लेकर रास्ता बनाया जाता है।
जमीन में उन पर कब्जा करने का जो आरोप लग रहा है वह गलत है क्योंकि वह दूसरे की जमीन है और वह उस व्यक्ति को जानते तक नहीं। उन्होंने बताया कि उनकी थान खम्हारिया में 100 एकड़ जमीन है, दो राईस मिल है और वे जमीन खरीदी-बिक्री का काम करते हैं।
इनकी कमाई से मिलने वाले पैसों का कुछ हिस्सा वे समाज सेवा में लगाते हैं। इसमें कथा कराना, गरीबों को दान करना शामिल है। लेकिन किसी गरीब को वे आज तक परेशान नहीं किए हैं। इसलिए उनके खिलाफ किसी भी थाने में एफआईआर दर्ज नहीं है। एक एफआईआर दर्ज है और वे भी हिन्दू भाईयों के लिए संघर्ष कर रहे थे इसके लिए उन्हें गर्व है।















