महोबा, 30 जनवरी 2026। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट में मंत्री स्वतंत्र देव को चरखारी के विधायक ब्रजभूषण राजपूत ने सरेराह रोक लिया। इस दौरान दोनों के बीच तीखी बहस भी हुई। न तो विधायक ब्रजभूषण राजपूत झुकने को तैयार थे और न ही मंत्री अपनी गलती मानने को तैयार थे। मामला बिगड़़ता देख पुलिस अफसरों ने बीच बचाव कर किसी तरह मामला शांत कराया। आइए बताते हैं पूरा मामला क्या है।
बुंदेलखंड के महोबा जिला मुख्यालय पर 30 जनवरी 2026 को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने युवा उदघोष कार्यक्रम का आयोजन किया था। इस आयोजन में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव मुख्य अतिथि रहे। वे कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे तो पहले ही रास्ते में चरखारी के विधायक ब्रजभूषण राजपूत अपने क्षेत्र के 100 से अधिक गांव के प्रधानों को लेकर खड़े थे। उन्होंने मंत्री स्वतंत्र देव के काफिले को रोक लिया।
विधायक ब्रजभूषण राजपूत ने मंत्री स्वतंत्र देव के सामने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सबसे महत्वाकांक्षी हर घर जल योजना में हो रही गड़बड़ी से अवगत कराया। मंत्री स्वतंत्र देव को विधायक ब्रजभूषण राजपूत का यह लहजा अच्छा नहीं लगा। उन्होंने विधायक श्री राजपूत से उनके तरीके को लेकर नाराजगी जताई तो दोनों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गयी।
क्षेत्र में जलजीवन मिशन योजना में की गयी गड़बड़ी मामले को लेकर विधायक ब्रजभूषण राजपूत का कहना है कि उन्होंने इस मामले को विधानसभा में दो से तीन बार उठाया। पत्र लिखकर भी मंत्री स्वतंत्र देव को अवगत कराया। पर कोई कार्रवाई नहीं की गयी। विधायक का कहना है कि गांव की सड़के पाइप लाइन बिछाने के लिए खोद दी गयीं हैं, उनकी मरम्मत नहीं कराई गई। पानी की टंकी से रिसाव हो रहा है। लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। इसे लेकर गांव के लोगों में गुस्सा है।
उधर मंत्री स्वतंत्र देव ने कहा कि उन्हें एक भी गांव का नाम बता दिया जाये जहां समस्या है। वह विधायक से उस गांव में चलने को भी कहा। विधायक का कहना है कि मंत्री जी गांव में नहीं गये। उन्होंने 20 दिन में समस्या का समाधान कराये जाने का आश्वासन दिया है। विधायक का कहना है कि अगर 20 दिन में मामले में ऐक्शन नहीं लिया गया तो वह फिर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
अनुशासनहीनता के सवाल पर उन्होंने कहा कि क्षेत्र की समस्या का समाधान कराये जाने को लेकर आवाज उठाना अनुशासनहीनता नहीं है। उन्होंने कहा कि यह देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना है। गांव के लोगों को इसका लाभ दिलाने के लिए वह कुछ भी करने को तैयार हैं।
फिलहाल मंत्री और विधायक के बीच हुई इस घटना ने विपक्ष को तंज कसने का मौका दे दिया है। प्रदेश भर में इस मामले को लेकर राजनीतिक पारा गरम हो गया है। पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इस मामले को किसी तरह से संज्ञान में लेता है और क्या ऐक्शन लेता है। इस पर लोगों की नजर टिकी हुई है।
मजेदार बात है कि दोनों नेता पिछड़े वर्ग से आते हैं। मंत्री स्वतंत्र देव जहां कुर्मी समाज से आते हैं वहीं विधायक ब्रजभूषण राजपूत लोधी समाज से आते हैं।

















