नई दिल्ली, 1 फरवरी 2026। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार 1 फरवरी को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। बजट में भारत की युवा और नारी शक्ति को नमन किया गया है। कई बड़ी घोषणाएं की गई हैं। इनमें हर जिले में एक बालिका छात्रावास स्थापित करने, एक राष्ट्रीय आतिथ्य संस्थान स्थापित करने और देशभर में 5 नए विश्वविद्यालय टाउनशिप विकसित करने की योजना शामिल है।
मुंबई स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट आॅफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज को देश के 15,000 से अधिक माध्यमिक विद्यालयों में कंटेंट लैब स्थापित करने के लिए समर्थन देने का प्रस्ताव है। केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण ने भारतीय प्रबंधन संस्थानों के सहयोग से 12 सप्ताह के कौशल पाठ्यक्रमों के माध्यम से 20 प्रतिष्ठित स्थलों पर 10,000 पर्यटक गाइडों को प्रशिक्षित करने की एक प्रायोगिक पहल की घोषणा की है।
केंद्र सरकार ने प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों के पास 5 विश्वविद्यालय टाउनशिप के लिए समर्थन का प्रस्ताव रखा है। इन टाउनशिप में कई विश्वविद्यालय और कॉलेज होंगे। साथ ही आवासीय सुविधाएं और अनुसंधान इंफ्रास्ट्रक्चर भी होगा।
3 नए एम्स स्थापित होंगे
बजट में वित्त मंत्री देशभर में 3 नए अखिल भारतीय आयुर्वेद विज्ञान संस्थान (एम्स) स्थापित करने की भी घोषणा की है। सरकार ने राज्यों में मेडिकल हब स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है और मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए ऐसे 5 हब के निर्माण में सहयोग देगी।
सीतारमण ने पशु चिकित्सा महाविद्यालयों, अस्पतालों और निदान प्रयोगशालाओं के लिए ऋण-आधारित पूंजी सब्सिडी सहायता योजना और पूर्वी क्षेत्र में एक नए डिजाइन संस्थान की स्थापना का प्रस्ताव रखा।
रेयर अर्थ पर बड़ा ऐलान
बजट में महंगाई और विकास के साथ-साथ रेयर अर्थ यानी दुर्लभ खनिजों पर भी खास ध्यान दिया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए सरकार रेयर अर्थ के खनन और उत्पादन को मजबूत करेगी। इसके लिए देश के कई राज्यों में विशेष कॉरिडोर बनाने की योजना तैयार की गई है।
रेयर अर्थ कॉरिडोर के लिए करीब 10,000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया जाएगा। यह राशि खनन, परिवहन और प्रोसेसिंग से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाने में खर्च होगी। केंद्र सरकार का मानना है कि इससे देश को जरूरी खनिजों में आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। ये कॉरिडोर आंध्र प्रदेश, केरल, तमिलनाडु और उड़ीसा जैसे राज्यों में बनाए जाएंगे, जहां खनिज के बड़े भंडार हैं।
सस्ते होंगे इलेक्ट्रिक वाहन
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण के दौरान कहा, मैं यह प्रस्ताव करती हूं कि बैटरी बनाने में इस्तेमाल होने वाले लिथियम-आयन सेल के लिए जिन मशीनों और पूंजीगत सामान पर पहले से कस्टम ड्यूटी में छूट मिलती है, वही छूट अब बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम में इस्तेमाल होने वाले लिथियम-आयन सेल बनाने वाले सामान पर भी दी जाएगी।
इसके अलावा, सोलर ग्लास बनाने में काम आने वाले सोडियम एंटीमोनेट के आयात पर भी मूल सीमा शुल्क (कस्टम ड्यूटी) से छूट देने का प्रस्ताव है। वित्त मंत्री के इस एलान से साफ है कि बैटरी सस्ती होगी। जिसका सीधा असर इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत पर भी पड़ेगा।
इलेक्ट्रिक वाहनों की मौजूदा ज्यादा कीमत इसमें इस्तेमाल होने वाली बैटरी की लागत और कीमत की वजह से होती है। इसलिए बैटरी की कीमत में कमी आने से इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत में कटौती होगी।
भारत सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की घोषणा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत के तकनीकी विकास के अगले चरण की आधिकारिक घोषणा करते हुए इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) 2.0 की शुरुआत की। इस पर 40,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय किया जाएगा। इससे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के लिए जरूरी चिप्स के निर्माण को बढ़ावा मिलेगा।
इसके दूसरे चरण का उद्देश्य देश को एक विनिर्माण केंद्र से वैश्विक सेमीकंडक्टर शक्ति केंद्र में बदलना है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार उपकरण और सामग्री उत्पादन, पूर्ण-स्टैक भारतीय बौद्धिक संपदा डिजाइन करने और आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने के लिए आईएसएम 2.0 मिशन शुरू करेगी।
अप्रैल, 2025 में 22,990 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ शुरू की गई इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट विनिर्माण योजना को बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा।
स्कूल और कॉलेजों में बनेंगी कंटेंट क्रिएटर लैब्स
बजट 2026 में ऐलान किया गया है कि मुंबई स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट आफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज की मदद से देश भर में कंटेंट क्रिएटर लैब्स बनाई जाएंगी। ये लैब्स 15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में स्थापित होंगी। यहां छात्रों को एनिमेशन, गेमिंग, विजुअल इफेक्ट्स और डिजिटल कंटेंट बनाने की अच्छी ट्रेनिंग दी जाएगी। भारत सरकार का लक्ष्य है कि बड़ी संख्या में युवा डिजिटल इंडस्ट्री के लिए तैयार हो सकें।
पर्यटन को लेकर कई बड़े ऐलान
वित्त मंत्री ने पर्यटन गाइड के लिए 12-हफ्ते के हाइब्रिड ट्रेनिंग कोर्स शुरू करने की घोषणा की है, ताकि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को शानदार अनुभव मिल सके। साथ ही पर्यटन और और गाइड स्किल्स को बेहतर बनाने के लिए इमर्सिव स्टोरीटेलिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके 15 आर्कियोलॉजिकल साइट्स को जीवंत सांस्कृतिक डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है।
अगले 5 साल में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग बनेंगे
वित्त मंत्री ने घोषणा की कि अगले 5 सालों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग बनाए जाएंगे, जो यात्रा के साथ पर्यटन का प्रमुख स्त्रोत बनेगा। उत्तर प्रदेश के वाराणसी, और बिहार के पटना में एक शिप-रिपेयर इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही तटीय शिपिंग में हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए एक तटीय कार्गो योजना का प्रस्ताव है और भारत में समुद्री जहाजों के के निर्माण को मदद की जाएगी।
मंदिर वाले शहरों में बढ़ेगा बुनियादी ढांचा
केंद्रीय वित्त मंत्री ने द्वितीय और तृतीय स्तर के शहरों में, जिनमें मंदिर वाले शहर भी शामिल हैं, वहां शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि अगले पांच वर्षों में 20,000 करोड़ रुपये के व्यय का प्रस्ताव रखा है। यह उनके आर्थिक क्षमता को उजागर करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। इस बजट से शहरों में सड़क, रेल और पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा।
विदेशी टूर पैकेज पर एलटीसी रेट घटाया
सीतारमण ने बजट में विदेशी टूर पैकेज पर एलटीसी रेट को 5 से 20 तक से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया है। इससे भारतीय पर्यटन क्षेत्र को काफी फायदा मिलने की संभावना है। इसके तहत यात्रा के दौरान किसी होटल में ठहरने या रहने या अन्य समान संबंधित व्यय सहित विशेष यात्रा कार्यक्रम पैकेज बिक्री पहले 10 लाख रुपये तक 5 प्रतिशत और 10 लाख से अधिक पर 20 प्रतिशत था। अब ये 2 प्रतिशत कर दिया गया है।
राष्ट्रीय आतिथ्य संस्थान की स्थापना होगी
वित्त मंत्री ने बताया कि पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार सृजन, विदेशी मुद्रा आय और स्थानीय अर्थव्यवस्था का विस्तार करने में व्यापक भूमिका निभाने की क्षमता है। ऐसे में राष्ट्रीय होटल प्रबंधन और कैटरिंग प्रौद्योगिकी परिषद के विकास के साथ राष्ट्रीय आतिथ्य संस्थान की स्थापना होगी। साथ ही, भारतीय प्रबंधन संस्थान के सहयोग से हाईब्रिड मोड में 12 सप्ताह के उच्च गुणवत्ता युक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम पाठयक्रम से 20 पर्यटन स्थलों में 10,000 गाइडों का कौशल सुधारा जाएगा।
बर्ड वाचिंग के साथ हाइकिंग और ट्रैकिंग
विश्वस्तरीय हाइकिंग और ट्रैकिंग के लिए हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर के पूर्वी घाट में अराक्कू घाटी और पश्चिमी घाट में पोधीगई में मांउटेन ट्रेल, ओडिशा, कर्नाटक और केरल के तटीय क्षेत्रों में प्रमुख आश्रय स्थलों के पास टर्टल ट्रेल्स और आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में पुलिकट झील के किनारे बर्ड वाचिंग ट्रेल्स स्थापित की जाएगी। सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और विरासत महत्व वाले सभी सभी स्थानों के डिजिटल दस्तावेज तैयार करने के लिए नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड की स्थापना होगी।
भारत में इस साल होगा बिग कैट शिखर सम्मेलन
वित्त मंत्री ने बताया कि 2024 में भारत ने इंटरनेशनल बिग कैट गठबंधन की स्थापना की थी, जिसके तहत पहला वैश्विक बिग कैट शिखर सम्मेलन भारत में होगा। इसमें 95 देशों के प्रमुख और मंत्री संरक्षण की सामूहिक रणनीति पर चर्चा करेंगे। केंद्र लोधल, धौलावीरा, राखीगढी, अदिचनाल्लूर, सारनाथ, हस्तिनापुर और लेह जैसे 15 पुरातात्विक स्थलों को विशेष वॉक-वे के माध्यम से जनता के लिए खोल देगी। इन स्थलों को सरकार जीवंत और अनुभवजन्य सांस्कृतिक गंतव्य के रूप में विकसित करेगी।

















