दिव्या पाठक ने पत्रकारिता में की पीएचडी

दिव्या पाठक ने पत्रकारिता में की पीएचडी

रायपुर, 7 फरवरी। श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, भिलाई (छत्तीसगढ़) ने दिव्या पाठक को पत्रकारिता और जनसंचार में डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) की डिग्री प्रदान की है। उन्होंने “ललित सुरजन की पत्रकारिता: एक अध्ययन” विषय पर अपना शोध कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया। यह शोध डॉ. धनेश जोशी के मार्गदर्शन में किया गया।

इस शोध को मध्य भारत में पत्रकारिता के इतिहास में एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक उपलब्धि माना जा रहा है। गौरतलब है कि यह इस क्षेत्र में किसी सक्रिय और प्रभावशाली पत्रकार के पत्रकारिता योगदान पर केंद्रित पहला गहन शैक्षणिक शोध है। यह अध्ययन ललित सुरजन की पत्रकारिता दृष्टि, सामाजिक सरोकारों, सांस्कृतिक चेतना, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनोन्मुखी पत्रकारिता के विभिन्न आयामों का आलोचनात्मक विश्लेषण करता है।

ललित सुरजन छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता के सबसे प्रमुख स्तंभों में से एक रहे हैं। उन्होंने प्रतिष्ठित समाचार पत्र देशबंधु के संपादक के रूप में कार्य किया और अपने लेखन और संपादकीय नेतृत्व के माध्यम से लगातार जनहित, सामाजिक न्याय, सांस्कृतिक जागरूकता और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए आवाज़ उठाई। उनकी पत्रकारिता केवल समाचारों के प्रसार तक सीमित नहीं थी, बल्कि समाज के लिए एक मार्गदर्शक शक्ति के रूप में उभरी।

दिव्या पाठक का शोध न केवल ललित सुरजन के योगदान का शैक्षणिक मूल्यांकन करता है, बल्कि छत्तीसगढ़ और मध्य भारत में पत्रकारिता पर भविष्य के शोध के लिए एक मजबूत आधार भी तैयार करता है। यह अध्ययन पत्रकारिता के छात्रों, शोधार्थियों और मीडिया शिक्षाविदों के लिए एक मूल्यवान संदर्भ साबित होगा।

पीएचडी की डिग्री मिलने के अवसर पर, विश्वविद्यालय के संकाय सदस्यों, शोधकर्ताओं, परिवार के सदस्यों और शुभचिंतकों ने दिव्या पाठक को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।