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धरमजीत ने खुद को कहा मुख्यमंत्री का सारथी

धरमजीत ने खुद को कहा मुख्यमंत्री का सारथी, शायराना अंदाज में विपक्ष पर कसा तंज

रायपुर, 25 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र 2026 में बुधवार को भाजपा विधायक धरमजीत सिंह ने राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापन के दौरान अपना प्रभावशाली और भावुक संबोधन दिया, जिसने पूरे सदन को मंत्रमुग्ध कर दिया। सदन में उन्हें आसंदी से पुकारा गया तो वे भावुक हो उठे और बोले, 19 साल बाद मुझे यह मौका मिला है। मेरे मुख्यमंत्री, मेरी पार्टी और मेरे अध्यक्ष ने मुझे चुना, इसलिए मैं उन सभी का आभारी हूं।

विपक्ष पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, मैं वहीं से सारे दांव-पेंच सीखकर इधर आया हूं। महाभारत का उदाहरण देते हुए उन्होंने जोड़ा कि जैसे श्रीकृष्ण ने पांडवों के साथ रहकर कभी शस्त्र नहीं चलाया, बल्कि सारथी बनकर सारे दांव बताए, उसी तरह वे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सारथी हैं और छत्तीसगढ़ को खुशहाल बनाने के लिए हर संभव रणनीति अपनाएंगे।

बता दें धरमजीत सिंह पहले कांग्रेस में थे और 2023 विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा में शामिल हुए थे। इस पृष्ठभूमि में उनका संबोधन और भी प्रासंगिक लगा। विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने एक शायराना अंदाज में शेर पढ़ा: बैठे हैं महफिल में जुगनू सारे, सोचते हैं ये सूरज को कैसे हटाएं। यहां ‘सूरज’ से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की तुलना की गई, जिससे सदन में हंसी और तालियां गूंजीं।