प्रतापगढ़, 13 मार्च 2026। भोजपुरी फिल्म जगत की मशहूर अभिनेत्री और सुप्रसिद्ध भजन गायिका संजना पांडेय इन दिनों प्रतापगढ़ में हैं। वे यहां निर्देशक मंजुल ठाकुर के निर्देशन में बन रही फिल्म ‘लाल सिंदूर’ की शूटिंग में व्यस्त हैं।
मूल रूप से बिहार के गोपालगंज जिले के भटवा बाजार के एक प्रतिष्ठित ब्राह्मण परिवार में जन्मी संजना को बचपन से ही गायकी और अभिनय का जुनून था। छपरा से स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद, उन्होंने लोक गायिका शारदा सिन्हा को अपना आदर्श मानकर गायकी की दुनिया में कदम रखा।
संजना के पिता, जो स्वयं चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े थे, चाहते थे कि उनकी लाडली बेटी डॉक्टर या इंजीनियर बने। लेकिन तीन भाइयों की इकलौती बहन संजना ने अपनी कला को ही अपना लक्ष्य चुना और धैर्य व साहस के बल पर आज सफलता का वह मुकाम हासिल किया, जिसे ‘टीआरपी क्वीन’ के नाम से जाना जाता है।
एल्बम से मिली पहचान, फिल्मों में जमाया सिक्का
संजना के करियर की शुरुआत 2011 में हुई, जब उन्होंने सुपरस्टार खेसारी लाल यादव के साथ पारंपरिक गीतों के एल्बम किए। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
- डेब्यू फिल्म: 2017 में अभिनेता समर सिंह के साथ फिल्म ‘लाल चुनरिया वाली पे दिल आया रे’ से बतौर मुख्य अभिनेत्री फिल्मी सफर शुरू हुआ।
- प्रमुख सह-कलाकार: संजना ने अरविंद अकेला कल्लू, रितेश पांडेय, यश मिश्र और प्रवेश लाल यादव जैसे दिग्गज अभिनेताओं के साथ स्क्रीन साझा की है।
- हिट फिल्में: उन्होंने अब तक ‘सेनुर बिन पिया’, ‘नैयहर ससुराल’, ‘गवनवा की साड़ी’, और ‘बिटिया रानी बड़ी सयानी’ जैसी तीन दर्जन से अधिक फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाया है।
हर घर की कहानी ने बनाया सुपरस्टार
संजना के करियर में टर्निंग पॉइंट फिल्म ‘हर घर की यही कहानी’ रही, जो टेलीविजन पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई। इस फिल्म ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। उनकी इसी लोकप्रियता के कारण उन्हें अयोध्या महोत्सव 2025 में ‘बेस्ट एक्ट्रेस अवार्ड’ से सम्मानित किया जा चुका है। 2026 में रिलीज हुई उनकी फिल्म ‘कलेक्टर साहिबा’ को भी दर्शकों ने खूब सराहा है।
नयी पीढ़ी को संजना का संदेश
संजना का मानना है कि टीवी इंडस्ट्री के आने से महिलाओं के लिए काम के अवसर बढ़े हैं और माहौल बदला है। आने वाली पीढ़ी को संदेश देते हुए उन्होंने कहा, हुनर हर व्यक्ति में होता है, बस उसे निखारने की जरूरत है। किसी भी लक्ष्य को पाने में वक्त लगता है, लेकिन अगर कार्य शिद्दत से किया जाए, तो सफलता अवश्य कदम चूमती है।

















