प्रतापगढ़, 30 मार्च 2026। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा-2024 के परिणाम ने प्रतापगढ़ को दोहरी खुशी दी है। इस प्रतिष्ठित परीक्षा में जिले के लोकप्रिय और कर्मठ अधिकारी रहे स्वर्गीय सीएल पांडेय के सुपुत्र आयुष पांडेय ने सफलता का परचम लहराया है। उसका चयन एसडीएम के पद पर हुआ है। आयुष की इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे जनपद को गौरवान्वित किया है।
ईमानदारी की विरासत को मिली नई पहचान
स्वर्गीय सीएल पांडेय प्रतापगढ़ जिले के प्रशासनिक हलकों में एक जाना-माना और सम्मानित नाम रहा। उन्होंने जनपद के शिवगढ़ और गौरा सहित कई अन्य विकास खंडों में खंड विकास अधिकारी (BDO) के रूप में अपनी सेवाएं दी थीं। उनकी कार्यशैली, ईमानदारी और आम जनमानस के प्रति सहज व्यवहार ने उन्हें जनता के बीच बेहद लोकप्रिय बनाया था। वह कौशांबी में परियोजना निदेशक (PD) डीआरडीए के महत्वपूर्ण पद पर भी आसीन रहे, लेकिन दुर्भाग्यवश उसी दौरान एक सड़क दुर्घटना में उनका असामयिक और दुखद निधन हो गया था।
आज जब उनके पुत्र आयुष पांडेय ने प्रदेश की सर्वोच्च प्रशासनिक सेवा में स्थान बनाया है, तो जिले के उन सभी परिवारों और सहयोगियों में विशेष हर्ष व्याप्त है जो स्व. सीएल पांडेय के करीब रहे। आयुष की यह सफलता उनके पिता की ईमानदारी और पुण्य कर्मों का ही प्रतिफल है।
संघर्षों के बीच मां का अटूट सहयोग
पिता के साये के बिना इस मुकाम तक पहुंचना आयुष के लिए आसान नहीं था। उनकी इस सफलता के पीछे उनकी माता श्रीमती वंदना पांडेय का कठोर तप और समर्पण छिपा है। श्रीमती वंदना पांडेय पूर्व में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (GGIC), प्रतापगढ़ में सेवारत रही हैं। वर्तमान में प्रयागराज में शिक्षिका के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं। पति के निधन के बाद उन्होंने न केवल परिवार को संभाला, बल्कि आयुष को उच्च संस्कारों के साथ इस कठिन परीक्षा के लिए मानसिक रूप से तैयार किया।
जिले भर में जश्न और बधाई का तांता
जैसे ही चयन सूची में आयुष पांडेय का नाम एसडीएम पद के लिए फ्लैश हुआ, प्रतापगढ़ से लेकर प्रयागराज तक जश्न का माहौल बन गया। आयुष की सफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए उनके शुभचिंतकों ने कहा कि सीएल पांडेय साहब एक ऐसे अधिकारी थे जिन्होंने हमेशा नियमों और नैतिकता को सर्वोपरि रखा। आज उनके बेटे ने एसडीएम बनकर उस विरासत को और भी भव्य बना दिया है। यह पूरे जिले के लिए प्रेरणा है।
अपनी इस शानदार सफलता पर आयुष पांडेय ने विनम्रता व्यक्त करते हुए कहा कि उनका चयन उनके पिता के सपनों की पूर्ति है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपनी माता के संघर्षों और पिता द्वारा दिखाए गए सत्य के मार्ग को दिया। आयुष का लक्ष्य अपने पिता की तरह ही एक संवेदनशील और जन-हितैषी अधिकारी बनकर समाज की सेवा करना है।
प्रतापगढ़ के प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आयुष और उनके परिवार को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। आयुष अब उन युवाओं के लिए रोल मॉडल हैं जो विषम परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य को प्राप्त करने का हौसला रखते हैं।













