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बदमाशों ने देवली स्थित संत निवास का ताला तोड़ा

प्रतापगढ़ में बदमाशों ने सम्मानित धर्माचार्य के गांव वाले आवास का तोड़ा ताला; दहशत में इलाका

प्रतापगढ़, 30 मार्च 2026। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में बदमाशों ने सम्मानित धर्माचार्य के गांव वाले आवास का ताला तोड़ दिया। हलांकि चोर उस आवास से कोई सामान नहीं ले गये। धर्माचार्य ओम प्रकाश पांडेय अनिरुद्ध रामानुज दास ने इसकी जानकारी पुलिस को दिया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

घटना कोतवाली लीलापुर के ग्राम देवली स्थित ‘संत निवास’ की है। 29/30 मार्च की दरमियानी रात, जब पूरा गांव गहरी नींद में था, कुछ अज्ञात बदमाशों ने संत निवास को निशाना बनाया। बदमाशों ने घर के मुख्य ताले तोड़ दिए और भीतर दाखिल हो गए। उन्होंने कमरों में रखे बिस्तरों को इधर-उधर कर दिया। उन कमरों की तलाशी ली जहां सरसों, गैस सिलेंडर, चूल्हा, इनवर्टर, बैटरी और पंखे रखे थे।

बदमाशों ने जाड़े के कपड़ों वाले बक्सों को भी खंगाला। वे ऊपरी मंजिल पर बने एक कमरे तक भी पहुंचे, लेकिन गनीमत रही कि पड़ोस के घरों में आहट होने के कारण लोग जाग गए। पकड़े जाने के डर से बदमाश कीमती सामान समेटने से पहले ही मौके से भाग खड़े हुए।

‘संत निवास’ के स्वामी धर्माचार्य ओम प्रकाश पांडेय अनिरुद्ध रामानुजदास कोई साधारण व्यक्तित्व नहीं हैं। वे एक प्रखर सेनानी और समाज के पथ-प्रदर्शक हैं। 1975 के जयप्रकाश आंदोलन के दौरान, वे लखनऊ से गिरफ्तार होकर पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के साथ नैनी सेंट्रल जेल में बंद रहे थे।

उनके प्रतापगढ़ शहर स्थित रामानुज आश्रम में उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, पूर्व प्रभारी मंत्री नीलकंठ तिवारी और कैबिनेट मंत्री आशिष पटेल जैसे दिग्गज आशीर्वाद लेने पहुंच चुके हैं। इसी महीने जिले के प्रभारी मंत्री दयाशंकर सिंह ने उन्हें तेजगढ़ में सम्मानित किया था। पिछले वर्ष उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने तुलसी सदन में उन्हें सम्मान दिया था।

पुलिस जांच और लोगों में आक्रोश

घटना की जानकारी मिलते ही धर्माचार्य ओम प्रकाश पांडेय मौके पर पहुंचे। 112 नंबर पर पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने गहन निरीक्षण किया और पाया कि बदमाशों ने चोरी के इरादे से ताले तोड़े थे, लेकिन वे किसी कारणवश सफल नहीं हो सके।

किसी सामान की चोरी नहीं हुई, लेकिन एक प्रतिष्ठित और बुजुर्ग हस्ती के घर में इस तरह की सेंधमारी ने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय ग्रामीणों और धर्माचार्य के अनुयायियों में इस घटना को लेकर गहरा डर और आक्रोश व्याप्त है।