गौमाता की रक्षा केवल श्रद्धा का विषय नहीं, इसे आर्थिक पहलू से जोड़ना अनिवार्य

प्रमुख बिंदु

  • छत्तीसगढ़ योग आयोग और गौ सेवा आयोग ने पहली बार इस तरह का साझा मंच तैयार किया।
  • कार्यक्रम में प्रदेश भर से आए योग साधकों और गौ-सेवकों ने हिस्सा लिया।
  • संगोष्ठी में गौ-शालाओं को योग केंद्रों के रूप में विकसित करने के सुझावों पर भी चर्चा हुई।

रायपुर, 8 अप्रैल 2026। राजधानी स्थित गौसेवा आयोग कार्यालय के सभागार में बुधवार, 8 अप्रैल को भारतीय संस्कृति के दो प्रमुख स्तंभों छत्तीसगढ़ योग आयोग और गौ सेवा आयोग के संयुक्त तत्वावधान में ‘भारतीय दर्शन में योग एवं गौमाता’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महामंडलेश्वर श्री 1008 मां योग योगेश्वर यती जी ने अपने उद्बोधन में गौ-संरक्षण के व्यावहारिक पहलुओं पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि गौमाता की रक्षा केवल श्रद्धा का विषय नहीं, बल्कि इसे आत्मनिर्भरता और आर्थिक पहलू से जोड़ना अनिवार्य है। जब गौ-सेवा से लाभ की संभावनाएं बढ़ेंगी, तो समाज स्वत: ही इसके संरक्षण के लिए आगे आएगा। उन्होंने योग और आयुर्वेद में पंचगव्य के महत्व को भी रेखांकित किया।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था और बच्चों के पोषण में गाय के दूध के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि योग और गौमाता भारतीय दर्शन की आत्मा हैं। स्वस्थ तन के लिए योग और स्वस्थ समाज के लिए गौ-सेवा अनिवार्य है।

गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेसर पटेल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की, जबकि योग आयोग के अध्यक्ष रूप नारायण सिन्हा ने प्रदेश में योग के विस्तार की कार्ययोजना साझा की। संगोष्ठी में वैचारिक विमर्श को आगे बढ़ाते हुए आरएसएस के प्रांत संचालक टोपलाल वर्मा, पश्चिम भारत संघ प्रमुख विजय देवांगन, भवन एवं सन्निर्माण मंडल के अध्यक्ष राम प्रताप सिंह और ओम प्रकाश देवांगन ने भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि योग से मानसिक शुद्धि और गौ-सेवा से आत्मिक शुद्धि संभव है।

भव्य आयोजन और आभार

कार्यक्रम का कुशल संचालन प्रसिद्ध योग गुरु छविराम साहू ने किया। उन्होंने योग क्रियाओं और गौ-पालन के वैज्ञानिक संबंधों को रोचक ढंग से प्रस्तुत किया। आयोजन के समापन पर कार्यक्रम के संयोजक राजीव लोचन श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।