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लालमणि शुक्ल और फूलचंद यादव का चौक-डस्टर से छूटा साथ, नम आंखों से दी गई विदाई

Ramesh Pandey
By Ramesh Pandey On अप्रैल 10, 2026
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Lalmani Shukla and Phoolchand Yadav retired

गौरा (प्रतापगढ़), 10 अप्रैल 2026। इंटर कालेज गौरा में सेवारत रहे सहायक अध्यापक लालमणि शुक्ल और फूलचंद यादव 31 मार्च 2026 को सेवानिवृत्त हो गये। ब्लैकबोर्ड पर भविष्य की इबारत लिखने वाले दोनों कर्मठ सारथियों की विद्यालय परिवार ने भावभीनी विदाई की।

विदाई समारोह में, शिक्षक कभी रिटायर नहीं होता, वह तो उस जलते हुए दीपक के समान है जो बुझने से पहले हजारों अन्य दीयों को रोशन कर जाता है, का मंजर प्रतापगढ़ देखने को मिला। लालमणि शुक्ल और फूलचंद यादव के विदाई समारोह ने हर आंख को नम कर दिया।

बीती 31 मार्च 2026 को अपनी लंबी और बेदाग सेवा यात्रा पूरी करने वाले इन दोनों शिक्षकों के सम्मान में आयोजित यह कार्यक्रम यादों का एक भावुक कारवां बन गया। विद्यालय का वह गलियारा, जहां कभी इन गुरुजनों की पदचाप सुनाई देती थी, आज उनकी विदाई के गीतों और शुभकामनाओं से गूंज उठा।

प्रधानाचार्य का गला रुंधा

समारोह की अध्यक्षता कर रहे प्रधानाचार्य राम आसरे तिवारी जब मंच पर बोलने खड़े हुए, तो उनकी आवाज में भारीपन साफ महसूस किया जा सकता था। अपने साथी सहयोगियों के योगदान को याद करते हुए उन्होंने कहा लालमणि जी का अनुशासन और फूलचंद जी की सौम्यता इस विद्यालय की पहचान रही है। आज जब ये अपनी कुर्सी छोड़ रहे हैं, तो ऐसा लग रहा है जैसे इस भवन की दीवारों से कोई जीवंत हिस्सा अलग हो रहा है। इन्होंने सिर्फ छात्र नहीं, बल्कि अच्छे इंसान गढ़े हैं।

सहकर्मियों ने दी भावभीनी विदाई

विदाई की इस बेला में संतोष यादव, विवेक त्रिपाठी और राकेश शुक्ल ने अपने वरिष्ठ साथियों के साथ बिताए गए पलों को साझा किया। देवेन्द्र प्रताप सिंह, राधा रमण तिवारी और करुणेश मिश्र सहित अन्य शिक्षकों ने कहा कि विद्यालय परिसर में अब इन दोनों मार्गदर्शकों की कमी सदैव खलेगी। सहकर्मियों ने उन्हें अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न भेंट कर उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की।

लालमणि शुक्ल और फूलचंद यादव ने सभी को भावुक किया

समारोह के अंत में जब लालमणि शुक्ल और फूलचंद यादव ने अंतिम बार विद्यालय की मिट्टी को नमन किया, तो वहां मौजूद हर शख्स की पलकें भीग गईं। फूल-मालाओं से लदे दोनों शिक्षकों ने भरे मन से सबका आभार जताया। भले ही आज उनके हाथों से ‘चौक और डस्टर’ छूट गए हों, लेकिन उनके द्वारा पढ़ाए गए हजारों विद्यार्थियों के रूप में उनकी शिक्षा की लौ हमेशा जलती रहेगी।

Ramesh Pandey

Ramesh Pandey

रमेश पांडेय (Ramesh Pandey) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें डिजिटल मीडिया और क्षेत्रीय समाचार रिपोर्टिंग में 20 वर्षों का अनुभव है।