इंडिया मैट्रिमोनी फर्जी मैट्रिमोनियल साइट, कपिल गर्ग कर रहा था देश भर में ठगी

रायगढ़, 13 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में ठगी का अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहां इंडिया मैट्रिमोनी नाम से फर्जी मैट्रिमोनियल साइट बनाकर कपिल गर्ग देश भर में ठगी कर रहा था। पुलिस ने छापेमारी कर इस पूरे धंधे का भंडाफोड किया है। मास्टर माइंड कपिल गर्ग को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। इस पूरे मामले की कहानी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने मीडिया को बताई।

फर्जी मैट्रिमोनियल साइट इंडिया मैट्रिमोनी का ऐसे खुला खेल

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि सूचना के आधार पर एडिशनल एसपी अनिल सोनी, नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा, थाना साइबर प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक तथा थाना साइबर एवं महिला थाना की संयुक्त टीम द्वारा दरोगापारा स्थित निधि परिवहन केंद्र में रेड कार्रवाई की गई।

प्रारंभिक जांच में पाया गया कि केंद्र संचालक कपिल गर्ग द्वारा पूर्व में लोक सेवा केंद्र के माध्यम से आरटीओ संबंधी कार्य किया जाता था। उसकी आईडी एक माह पूर्व निरस्त हो चुकी थी। कार्यालय में फर्जी मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म संचालित किया जा रहा था, जहां इंडिया मैट्रिमोनी नाम से आॅनलाइन विवाह प्रस्तावों के नाम पर लोगों को जाल में फंसाया जाता था।

इंडिया मैट्रिमोनी के संचालन में युवतियां भी शामिल

जांच में पाया गया कि इंडिया मैट्रिमोनी के संचालन में कपिल गर्ग और उनकी टीम जिसमें दर्जनों युवतियां शामिल हैं। ये युवतियां फर्जी जीमेल आईडी एवं अपने मोबाइल नंबरों का उपयोग कर यूट्यूब चैनल बनाई हुई थी। फेक प्रोफाइल के वीडियो एवं फोटो अपलोड कर अपना संपर्क नंबर साझा किए जाते थे। संपर्क करने वाले व्यक्तियों से पहले उनका बायोडाटा लिया जाता था। इसके बाद रजिस्ट्रेशन फीस यूपीआई के माध्यम से वसूला जाता था। आगे पसंद की गई प्रोफाइल से बातचीत कराने के नाम पर मीटिंग आईडी जनरेट करने हेतु पुन: यूपीआई से फीस ली जाती थी और व्हाट्सएप के माध्यम से क्यूआर कोड भेजकर भुगतान कराया जाता था।

ऐसे की जाती थी ठगी

आरोपियों द्वारा इस प्रकार लगातार विभिन्न बहानों से रकम वसूली कर अंतत: यह कहकर संपर्क समाप्त कर दिया जाता था कि संबंधित युवती को रिश्ता पसंद नहीं है, और फिर नए शिकार की तलाश की जाती थी।

दो आफिस खोल रखे थे

संदेही कपिल गर्ग ने पूछताछ में पुलिस को जो जानकारी दी उसके आधार पर दरोगापारा स्थित श्रीमती शांति देवी सोसायटी आफ एजुकेशन केंद्र पर भी पुलिस द्वारा दबिश दी गई। यहां की संचालिका हिमांशु मेहर ने बताया कि वह पिछले 3 साल से कपिल गर्ग से जुड़ी हुई है। उसके कहने पर उसके आफिस से भी लड़कियां इसी प्रकार यूट्यूब के माध्यम से लोगों से संपर्क करती थी। संदेही कपिल गर्ग के निधि परिवहन केन्द्र की जांच के दौरान लैपटॉप में फोटोशॉप सॉफ्टवेयर के जरिए दस्तावेजों में छेड़छाड़ के प्रमाण मिले तथा कार्यालय से विभिन्न शासकीय विभागों के सील-मुहर भी बरामद किए गए हैं। दोनों आफिस के संचालकों और युवतियों से पूछताछ कर मामले में जांच जारी रही है ।

ठगी की सूचना तत्काल पुलिस को दें : एसएसपी

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि आॅनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से होने वाली ठगी पर रायगढ़ पुलिस की सतत नजर है। आमजन ऐसे किसी भी संदिग्ध मैट्रिमोनियल या सोशल मीडिया प्रोफाइल से सावधान रहें और ठगी की सूचना तत्काल पुलिस को दें। दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कारर्वाई सुनिश्चित की जाएगी।