छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप 2026 के लिए 30 अप्रैल तक करें आवेदन

रायपुर, 13 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रायपुर ने मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप (Mukhyamantri Good Governance Fellowship) 2026 के अंतर्गत दो वर्षीय मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (एमबीए) लोक नीति एवं सुशासन (Public Policy and Governance) कार्यक्रम के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। यह विशेष कार्यक्रम सार्वजनिक नीति और प्रशासन के क्षेत्र में सक्षम, दूरदर्शी एवं उत्तरदायी नेतृत्व तैयार करने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है।

संस्थान से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम का संचालन आईआईएम रायपुर के प्राध्यापक प्रोफेसर गोपाल कुमार एवं प्रोफेसर शबना पी के मार्गदर्शन में किया जाएगा, जो कार्यक्रम निदेशक के रूप में कार्यरत हैं। कक्षाएं आईआईएम रायपुर परिसर में संचालित होंगी, वहीं छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से प्रतिभागियों को फील्डवर्क, परियोजनाओं एवं प्रशासनिक तंत्र से जुड़ा व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान किया जाएगा। यह समन्वित (ब्लेंडेड) शिक्षण पद्धति सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ जमीनी स्तर की समझ विकसित करने पर केंद्रित है।

फेलोशिप के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा चयनित अभ्यर्थियों की संपूर्ण ट्यूशन फीस का वहन किया जाएगा। साथ ही प्रत्येक छात्र को पाठ्यक्रम की पूरी अवधि के दौरान ₹50,000 प्रतिमाह का स्टाइपेंड भी प्रदान किया जाएगा। यह व्यवस्था प्रतिभाशाली युवाओं को आर्थिक बाधाओं से मुक्त रखते हुए सुशासन के क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्राप्त करने का अवसर प्रदान करती है।

आईआईएम रायपुर के निदेशक-प्रभार प्रोफेसर संजीव प्रसार ने कहा कि यह कार्यक्रम पारंपरिक शिक्षण पद्धति से आगे बढ़कर नीतियों के निर्माण, क्रियान्वयन एवं मूल्यांकन की वास्तविक प्रक्रियाओं को समझने पर केंद्रित है। उन्होंने बताया कि पाठ्यक्रम में विश्लेषणात्मक क्षमता, व्यावहारिक अनुभव तथा सामाजिक प्रभाव पर विशेष जोर दिया गया है, जिससे राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले नेतृत्व का विकास हो सके।

डीन (एक्सटर्नल रिलेशन्स) प्रोफेसर सत्यसिबा दास ने कहा कि सरकारी संस्थाओं, उद्योगों एवं अन्य संगठनों के साथ सुदृढ़ साझेदारी के माध्यम से विद्यार्थियों को कक्षा के बाहर वास्तविक परिस्थितियों में कार्य करने का अवसर मिलता है। इससे सिद्धांत और व्यवहार के बीच की दूरी कम होती है तथा छात्र जटिल चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना करने में सक्षम बनते हैं।

कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताओं में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पूर्ण ट्यूशन शुल्क का वहन, प्रत्येक चयनित अभ्यर्थी को ₹50,000 प्रतिमाह वजीफा, लोक नीति एवं सुशासन पर केंद्रित पाठ्यक्रम तथा फील्डवर्क एवं सरकारी परियोजनाओं के माध्यम से व्यावहारिक प्रशिक्षण शामिल हैं।

पात्रता के संबंध में बताया गया है कि आवेदक का छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना अनिवार्य है तथा उसे सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी वैध निवास प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। अभ्यर्थी के पास वर्ष 2023, 2024 अथवा 2025 में से किसी एक वर्ष का वैध कॉमन एडमिशन टेस्ट (कैट) स्कोरकार्ड होना चाहिए। साथ ही किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से न्यूनतम 60 प्रतिशत अंकों (आरक्षित वर्ग हेतु 55 प्रतिशत) के साथ स्नातक डिग्री आवश्यक है। सीटों का आरक्षण राज्य सरकार की प्रचलित आरक्षण नीति के अनुसार लागू होगा।

आवेदन की अंतिम तिथि 30 अप्रैल 2026 है। इच्छुक अभ्यर्थी विस्तृत जानकारी प्राप्त कर ऑनलाइन आवेदन निम्न लिंक पर कर सकते हैं: http://iimraipur.ac.in/mba-ppg/

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2010 में स्थापित भारतीय प्रबंधन संस्थान रायपुर देश के प्रमुख प्रबंधन संस्थानों में शामिल है, जहां 50 से अधिक अनुभवी प्राध्यापक एवं 700 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। नवा रायपुर स्थित संस्थान का आधुनिक परिसर उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण और समकालीन अधोसंरचना के लिए जाना जाता है।