प्रतापगढ़, 3 मई 2026। यूपी के प्रतापगढ़ जिले में 16 साल पहले हुई इंस्पेक्टर अनिल कुमार की हत्या मामले में सीबीआई कोर्ट ने फैसला सुना दिया है। 2 मई 2026 को लखनऊ स्थिति सीबीआई कोर्ट ने हत्या के दोषी जीशान खान को 10 साल के कारावास की सजा दी है। साथ ही 9 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
क्या है पूरा मामला
- मामला 19 नवंबर, 2015 का है, जब प्रतापगढ़ के होटल वैष्णवी के मॉडल शॉप में इंस्पेक्टर अनिल कुमार मृत पाए गए थे।
- शुरुआत में कोतवाली सिटी पुलिस स्टेशन में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ केस किया गया था।
- 2018 में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के निर्देश के बाद जांच सीबीआई को सौंप दी गई।
- सीबीआई ने औपचारिक रूप से 29 जून, 2018 को जांच अपने हाथ में ले ली।
जांच में क्या मिला
जांच में सीबीआई ने जीशान खान और बोचा उर्फ राजू सोनी का आरोपी तय किया और दोनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। कोर्ट ने 22 फरवरी, 2021 को मामले का संज्ञान लिया और 14 दिसंबर, 2022 को दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए। मुकदमे की सुनवाई के दौरान, जीशान खान ने 4 अप्रैल, 2026 को आरोपों को स्वीकार करते हुए एक लिखित आवेदन प्रस्तुत किया। इसके बाद, 10 अप्रैल को जीशान के मामले को मुख्य कार्यवाही से अलग कर दिया गया और एक अलग केस दर्ज किया गया।
फैसले में न्यायाधीश ने क्या कहा
अपने फैसले में सीबीआई के विशेष न्यायाधीश ने कहा कि दोषसिद्धि रिकॉर्ड पर उपलब्ध साक्ष्य और आरोपी के इकबालिया बयान पर आधारित है। अदालत ने जीशान खान को 10 साल की कैद की सजा सुनाई और करीब 10 साल से अधिक समय से न्यायिक जांच के दायरे में चल रहे इस मामले का आंशिक रूप से निपटारा हो गया। सह आरोपी के खिलाफ मुकदमे की कार्यवाही अभी जारी है।