नई दिल्ली, 12 मई 2026। वैश्विक संकट के दौर में विदेश दौरे रोकने की अपील करने के बीच पीएम मोदी 5 देशों की यात्रा पर 15 मई को रवाना होंगे। इन देशों में वह टॉप लीडरशिप के साथ मुलाकात करेंगे। यूएई के साथ पीएम मोदी ऊर्जा की आपूर्ति को लेकर बातचीत करेंगे। नीदरलैंड के साथ सेमीकंडक्टर और ग्रीन एनर्जी जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी।
भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने पीएम मोदी के पांच देशों के दौरे के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पीएम मोदी संयुक्त अरब अमीरात से अपनी यात्रा की शुरुआत करेंगे। फिर नॉर्डिक समिट में हिस्सा लेंगे। नीदरलैंड, सूडान ये सारे देश नवाचार हब हैं। इन देशों से क्लीन एनर्जी और ग्रीन एनर्जी के बड़े टेक्नोलॉजी एडवांसमेंट हैं। हमें उम्मीद है कि तकनीक समझौता होंगे।
इससे कि भारत क्लीन एनर्जी और ग्रीन एनर्जी की दिशा में आगे बढ़ेगा। क्योंकि अभी भी कच्चा तेल 87% से ज्यादा हमें आयात करना पड़ता है। अगर हम कच्चे तेल के पेट्रोल डीजल के ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत ढूंढे तो हमारा जो कच्चा तेल पर करीब साढ़े 11 लाख करोड़ रुपए का सालाना विदेशी मुद्रा का खर्चा है। उसको हम बड़े हद तक कंट्रोल कर सकते हैं और देश की अर्थव्यवस्था और देश के लोगों को इसका फायदा मिल सकता है। ये पीएम मोदी का अहम दौरा है।
भाजपा सांसद गौरव भाटिया ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक अपील हर देशवासी से की है। ये अपील स्वैच्छिक है और एहतियातन है। हमने ये भी देखा है कि भारत में किसी भी प्रकार की वस्तु की कमी नहीं हुई है। एक तरफ प्रधानमंत्री देशहित में अपील करते हैं, जिसे भारत के नागरिक सिर-आंखों पर रखते हुए कहते हैं कि हम इसके साथ खड़े हैं। ये दुर्भाग्य है कि भारत के हमारे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ऐसे बयान दे रहे हैं। अरविंद केजरीवाल, जिनका बयान आया है, उन्हें ये तक नहीं पता कि युद्ध किन देशों के बीच में है।
ये पहली बार नहीं है कि जब हमारे देश में प्रधानमंत्री ने एहतियातन कोई अपील की है। लेकिन आज जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपील करते हैं तो विपक्षी पार्टियों को चाहिए कि वह भी कंधे से कंधा मिलाकर देश के साथ खड़े रहें लेकिन वे कहते हैं कि यह भारत की विफलता दर्शाता है। जनता आज पूछ रही है कि ये कैसे दोहरे मापदंड है? जो भ्रम फैलाने का काम कांग्रेस पार्टी, आप, सपा के नेता कर रहे हैं, जनता इस देशविरोधी राजनीति को नकार रही है।
