गौरा (प्रतापगढ़) 16 मई 2026। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जनपद अंतर्गत गौरा ब्लॉक के बोर्रा गांव में भक्ति और अध्यात्म की जो बयार पिछले सात दिनों से बह रही थी, उसका शनिवार 16 मई 2026 को भव्य समापन हो गया। ओम प्रकाश पांडेय के आवास पर आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन श्रद्धालुओं की भीड़ रही। अंतिम दिवस की कथा में श्रीधाम अयोध्या से पधारे सुप्रसिद्ध कथा व्यास गायत्री नंदन जी महाराज ने सुदामा चरित और परीक्षित मोक्ष के प्रसंगों का सजीव वर्णन कर श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।
कथा व्यास गायत्री नंदन जी महाराज ने सुदामा चरित प्रसंग का रसपान कराते हुए कहा कि सुदामा और श्री कृष्ण की मित्रता मात्र दो व्यक्तियों का संबंध नहीं, बल्कि आत्मा और परमात्मा के मिलन का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि सुदामा अत्यंत विपन्न होने के बाद भी कभी विचलित नहीं हुए, क्योंकि उनके पास संतोष रूपी धन था।
महाराज जी ने भावुक कर देने वाले प्रसंग में सुनाया कि जब सुदामा द्वारका पहुंचे, तो भगवान श्री कृष्ण ने लोक-मर्यादा छोड़कर नंगे पांव दौड़कर अपने मित्र को गले लगाया। उन्होंने कहा, कृष्ण ने सुदामा के पैर आंसुओं से धोए, जो यह सिखाता है कि ईश्वर के दरबार में धन-दौलत का कोई मूल्य नहीं है, वहां केवल प्रेम और श्रद्धा की भाषा चलती है। महाराज जी ने समाज को संदेश दिया कि आज के दौर में मित्रता स्वार्थ पर आधारित होती जा रही है, जबकि सुदामा चरित निस्वार्थ भाव से एक-दूसरे के प्रति समर्पित होने की सीख देता है।
कथा के अगले चरण में महाराज जी ने राजा परीक्षित के मोक्ष के प्रसंग की व्याख्या की। उन्होंने बताया कि जब राजा परीक्षित को ज्ञात हुआ कि सातवें दिन उनकी मृत्यु निश्चित है, तब उन्होंने संसार का त्याग कर श्री शुकदेव जी महाराज से भागवत कथा का श्रवण किया। भागवत कथा वह अमृत है जो मृत्यु के भय को समाप्त कर मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करती है।
उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं को चेताते हुए कहा कि मृत्यु अटल सत्य है, लेकिन जो व्यक्ति अपने जीवनकाल में सत्कर्म और प्रभु की भक्ति करता है, उसे परीक्षित की भांति मोक्ष की प्राप्ति होती है। कथा के दौरान भजनों पर श्रद्धालु झूमने को मजबूर हो गए और पूरा वातावरण राधे-राधे के उद्घोष से गुंजायमान रहा।
कार्यक्रम के अंत में मुख्य आयोजक ओम प्रकाश पांडेय ने कथा व्यास गायत्री नंदन जी महाराज का माल्यार्पण कर आशीर्वाद लिया। उन्होंने इस धार्मिक अनुष्ठान में सहयोग करने वाले सभी ग्रामवासियों, अतिथियों और श्रद्धालुओं के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।
