RDA ने किश्त जमा करने दिया 60 दिन, सरचार्ज भी घटाया

रायपुर, 11 सितंबर 2026। RDA यानि रायपुर विकास प्राधिकरण ने उपभोक्ताओं के हित में महत्वपूर्ण फैसले लिये हैं। 10 सितंबर को अध्यक्ष नंद कुमार साहू की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में उपाध्यक्ष डॉ. जे.पी. शर्मा भी उपस्थिति रहे।

बैठक में निर्माण कार्य में देरी होने पर किश्तों के पुनर्निर्धारण, राशि जमा करने की अवधि बढ़ाने, सरचार्ज की दर कम करने, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए Defect Liability Period (DLP) बढ़ाने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के आवासों की 10 वर्ष की विक्रय-प्रतिबंध अवधि में राहत देने जैसे निर्णय लिए गए।

निर्माण कार्य में देरी के कारण कई बार आवंटियों को समय पर भवन का आधिपत्य नहीं मिल पाता। ऐसी स्थिति में किश्त की अवधि समाप्त होने के कारण उन पर सरचार्ज का अतिरिक्त भार पड़ता है। आवंटियों को राहत देने के लिए अब निर्माणकार्य की वास्तविक भौतिक प्रगति के आधार पर किश्त की राशि तय की जाएगी।

यदि भवन का निर्माण निर्धारित समय में पूरा नहीं होता है तो किश्त की तिथि का पुनरीक्षण किया जाएगा। निर्माण में हुई देरी की अवधि के लिए आवंटियों से कोई ब्याज नहीं लिया जाएगा। हितग्राहियों के लिए बुकिंग करने तथा राशि जमा करने की ऑनलाइन प्रक्रिया को भी सरल बनाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

रायपुर विकास प्राधिकरण की पूर्ण हो चुकी योजनाओं में वर्तमान में आवंटियों को राशि जमा करने के लिए 45 दिन का समय दिया जाता है। बैंक ऋण स्वीकृति आदि में लगने वाले समय को देखते हुए यह अवधि कई हितग्राहियों के लिए कम पड़ जाती है।हितग्राहियों को पर्याप्त समय देने के उद्देश्य से संचालक मंडल ने राशि जमा करने की अवधि 45 दिन से बढ़ाकर 60 दिन करने का निर्णय लिया है।

DLP 5 वर्ष निर्धारित किया

प्राधिकरण की आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं में निर्माण कार्य की प्रकृति के अनुसार वर्तमान में 1 से 3 वर्ष तक की Defect Liability Period निर्धारित है। निर्माण की गुणवत्ता और निर्माण एजेंसियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अब DLP में 5 वर्ष तक निर्धारित किया गया है । इससे निर्माण में किसी प्रकार की कमी सामने आने पर संबंधित निर्माण एजेंसी की जिम्मेदारी लंबे समय तक तय की जा सकेगी और आवंटियों के हितों की बेहतर सुरक्षा होगी।

रायपुर विकास प्राधिकरण में बकाया राशि पर वर्तमान में 12 प्रतिशत सरचार्ज लागू है। बकाया राशि का शीघ्र भुगतान करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से संचालक मंडल ने सरचार्ज की दर 12 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है। इससे बकायेदारों को राहत मिलेगी और लंबित राशि के एकमुश्त भुगतान को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे प्राधिकरण की बकाया राशि की वसूली में भी तेजी आने की संभावना है।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवासों पर लागू 10 वर्ष की विक्रय-प्रतिबंध अवधि की गणना को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। यदि आवंटन निर्माण अवधि के दौरान किया जाता है, तो 10 वर्ष की अवधि की गणना आवंटन आदेश में दी गई प्रस्तावित पूर्णता तिथि अथवा हितग्राही द्वारा भवन की पूरी राशि जमा करने की तिथि, इनमें से जो पहले हो, से की जाएगी। इससे निर्माण में देरी के कारण हितग्राहियों की लॉक-इन अवधि अनावश्यक रूप से बढ़ने से रोकने में मदद मिलेगी।

रायपुर विकास प्राधिकरण अध्यक्ष नंद कुमार साहू ने कहा कि प्राधिकरण केवल आवास और विकास योजनाएं तैयार करने वाली संस्था नहीं है, बल्कि इसके साथ हजारों परिवारों की उम्मीदें और भविष्य जुड़े हैं। इसलिए प्राधिकरण के प्रत्येक निर्णय में आम नागरिक और हितग्राही का हित सर्वोच्च प्राथमिकता में होना चाहिए।
उन्होंने कहा, निर्माण कार्य में देरी का खामियाजा किसी आवंटी या हितग्राही को नहीं भुगतना चाहिए।

यदि किसी योजना में निर्माण निर्धारित समय पर पूरा नहीं हो पाता है, तो उस देरी का आर्थिक बोझ भी हितग्राही पर नहीं आना चाहिए। इसी सोच के साथ वास्तविक निर्माण प्रगति के आधार पर किश्तों के पुनर्निर्धारण और विलंब अवधि में ब्याज नहीं लेने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने ने कहा कि प्राधिकरण आने वाले समय में भी पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित को केंद्र में रखकर निर्णय लेगा।

रायपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. जे.पी. शर्मा ने कहा कि संचालक मंडल के निर्णयों का मुख्य उद्देश्य आवंटियों और हितग्राहियों को व्यावहारिक कठिनाइयों से राहत देना और प्राधिकरण की कार्यप्रणाली को अधिक संवेदनशील एवं जवाबदेह बनाना है। उन्होंने कहा, किसी भी आवंटी या हितग्राही के लिए आवास केवल एक संपत्ति नहीं, बल्कि उसके परिवार के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा विषय होता है। इसलिए भुगतान की समय-सीमा में वृद्धि, सरचार्ज में कमी, निर्माण में देरी होने पर किश्तों के पुनर्निर्धारण तथा DLP को 5 वर्ष किए जाने जैसे निर्णय सीधे तौर पर हितग्राहियों के हित से जुड़े हैं।

रायपुर विकास प्राधिकरण के सीईओ अवनीश कुमार शरण ने कहा कि संचालक मंडल द्वारा लिए गए निर्णयों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए आवश्यक प्रशासनिक एवं प्रक्रियात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, “प्राधिकरण का प्रयास है कि आवंटियों को उनकी योजनाओं से जुड़ी सेवाएं सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से मिलें। इसके लिए प्रक्रियाओं को लगातार बेहतर बनाया जा रहा है। राशि जमा करने की ऑनलाइन प्रक्रिया को भी सरल बनाया जा रहा है, ताकि हितग्राहियों को भुगतान के लिए अनावश्यक परेशानी न हो।