अमेरिका में Gen Z को टेक्नोलाजी का पाठ पढ़ाएंगे UP के प्रोफेसर कमलेश दुबे

लखनऊ, 14 सितंबर 2026। यूपी की राजधानी लखनऊ के प्रोफेसर कमलेश दुबे अमेरिका में युवा पीढ़ी यानि Gen Z को टेक्नोलाजी का पाठ पढ़ाएंगे। वे वहां साइबर सिक्योरिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मैथ्स से लेकर डेटा एनालिटिक्स जैसी टेक्निक सिखाएंगे। उन्हें प्रतिष्ठित ‘फुलब्राइट स्कॉलर-इन-रेजिडेंस प्रोग्राम’ के लिए चुना गया है। प्रो. कमलेश दुबे मई 2027 तक अमेरिका में रहकर वहां युवाओं को पढ़ाएंगे।

‘फुलब्राइट’ वर्ल्ड लेवल पर सबसे प्रतिशष्ठित इंटरनेशनल एकेडमिक और सांस्कृतिक एक्सचेंज प्रोग्रामों में से एक है। उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस (UPSIFS) के एसोसिएट प्रोफेसर कमलेश कुमार दुबे को 2026-27 एकेडमिक ईयर के लिए नॉर्थ कैरोलिना के सैलिसबरी स्थित लिविंगस्टोन कॉलेज में शामिल होने के लिए बुलाया गया है।

पूर्व फुलब्राइट फ्लेक्स अवार्ड फेलो व UPSIFS के संस्थापक निदेशक डॉ. जी.के. गोस्वामी ने बताया कि यह चयन फॉरेंसिक साइंस, साइबर सिक्योरिटी और उभरती हुई टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की बढ़ती विशेषज्ञता के लिए एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय पहचान है। उन्होंने कहा कि इससे गणित, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, क्रिप्टोग्राफी और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में भारत और अमेरिका के बीच एकेडमिक और रिसर्च से जुड़े संबंध मजबूत होंगे।

अमेरिका के लिविंगस्टोन कॉलेज में, प्रो. दुबे गणित के साथ-साथ प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स, बिजनेस एनालिटिक्स, डिस्क्रिप्टिव एनालिटिक्स और डेटा माइनिंग जैसे आधुनिक विषय भी पढ़ाएंगे। उनका एकेडमिक काम AI, ब्लॉकचेन, साइबर सिक्योरिटी, क्रिप्टोग्राफी और क्वांटम क्रिप्टोग्राफी जैसे भविष्य के क्षेत्रों तक भी फैला हुआ है।

अधिकारियों ने कहा कि यह नियुक्ति साइबर क्राइम, डिजिटल फ्रॉड, AI और टेक्नोलॉजी से जुड़े अपराधों जैसी उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए फॉरेंसिक साइंस को एडवांस्ड टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ने पर बढ़ते फोकस को दर्शाती है।

कौन हैं प्रो. कमलेश दुबे

प्रो. कमलेश दुबे ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से मैथ्स और कंप्यूटर साइंस में मास्टर ऑफ साइंस (M.Sc.) की डिग्री प्राप्त की है। उनकी रिसर्च सब्जेक्ट प्योर मैथमेटिक्स और रिसर्च स्किल्स से संबंधित रहा है।

उन्होंने दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर यूनिवर्सिटी से गणित में PhD की है और 40 से ज्यादा रिसर्च पेपर पब्लिश किए हैं, 10 पेटेंट हासिल किए हैं। चार किताबें लिखी हैं और छह डॉक्टोरल स्कॉलर्स का मार्गदर्शन किया है।

वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज (UPSIFS), लखनऊ में एसोसिएट प्रोफेसर और सीनियर डोमेन एक्सपर्ट के पद पर कार्यरत हैं। इससे पहले वे इनवर्टिस यूनिवर्सिटी (प्राइवेट यूनिवर्सिटी), बरेली में लगभग 19 साल तक कार्यरत रहे, जहां वह चीफ प्रॉक्टर और एप्लाइड साइंसेज एंड ह्यूमैनिटीज डिपार्टमेंट के अध्यक्ष रह चुके हैं।