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अमेरिकी फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च का अध्याय खत्म, कंपनी हुई बंद

Ramesh Pandey
By Ramesh Pandey On जनवरी 16, 2025
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अमेरिकी फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च का अध्याय खत्म, कंपनी हुई बंद

नई दिल्ली, 16 जनवरी 2024। भारतीय अरबपति गौतम अडानी की कंपनियों के खिलाफ अपनी विवादास्पद वित्तीय रिपोर्टों के लिए चर्चा में आयी अमेरिकी फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च के प्रवर्तक ने अचानक अपनी फर्म को बोरिया बिस्तर समेटने की घोषणा कर दी है। कंपनी के प्रवर्तक और प्रतिभूति बाजार के चर्चित मंदडिया शॉर्ट सेलर नेट एंडरसन ने हिंडनबर्ग रिसर्च को बंद करने की घोषणा कंपनी की वेबसाइट पर बुधवार को की।

उन्होंने कहा कि वह अपनी छोटी लेकिन प्रसिद्ध फर्म हिंडेनबर्ग रिसर्च को बंद कर रहे हैं। अडानी समूह के शेयरों में 150 बिलियन अमेरिकी डॉलर का तूफान लाने से लेकर निकोला और इरोस इंटरनेशनल जैसे दिग्गजों को नीचे लाने तक, हिंडनबर्ग वित्तीय जवाबदेही का पर्याय बन गया। रिपोर्ट के बाद, अडानी कंपनियों का बाजार मूल्य लगभग 150 बिलियन अमेरिकी डॉलर कम हो गया, जिससे निवेशकों की चिंता और नियामक जांच शुरू हो गई।

अडानी ने इन आरोपों का जोरदार खंडन किया और रिपोर्ट को भारत पर हमला बताया और कानूनी कारर्वाई करने की कसम खाई। 15 जनवरी, 2025 को, एंडरसन ने हिंडनबर्ग रिसर्च को भंग करने के अपने फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि फर्म ने उन विचारों की पाइपलाइन को समाप्त कर दिया है जिन पर हम काम कर रहे थे।

कौन हैं नैथन एंडरसन

नैथन एंडरसन न्यूयॉर्क स्थित निवेश अनुसंधान फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च के संस्थापक हैं, जो अपनी खोजी रिपोर्ट और शॉर्ट-सेलिंग रणनीतियों के लिए प्रसिद्ध है। जब एंडरसन ने 2025 में हिंडनबर्ग को बंद करने की घोषणा की, तो वॉल स्ट्रीट जर्नल ने उन्हें वॉल स्ट्रीट का प्री-एमिनेंट शॉर्ट सेलर बताया।

वित्तीय धोखाधड़ी की जांच में विशेषज्ञता हासिल करने का एंडरसन का निर्णय हैरी मार्कोपोलोस से प्रेरित था, जो वित्तीय धोखाधड़ी की जांचकर्ता थे, जिन्होंने बर्नी मैडॉफ की विशाल पोंजी योजना का पर्दाफाश करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

एंडरसन ने कथित तौर पर प्लेटिनम पार्टनर्स की जांच पर मार्कोपोलोस के साथ सहयोग किया, जिसके कारण सात अधिकारियों पर प्रतिभूति धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया।

अडाणी की कंपनी के शेयरों में उछाल

अमेरिका की निवेश अनुसंधान कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च के बंद होने की खबर से 16 जनवरी को अडाणी समूह के शेयरों में जबरदस्त उछाल रहा। शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान अडानी समूह के शेयर 9 फीसदी तक बढ़ गए। सबसे ज्यादा बढ़ोतरी अडाणी पावर के शेयरों में देखने को मिली है, जिसकी कीमत 9.2 प्रतिशत बढ़कर 599.9 रुपये/शेयर हो गई।

इससे पहले हिंडनबर्ग रिसर्च की एक रिपोर्ट से कंपनी को शेयरों में भारी गिरावट आई थी। समूह की अडाणी ग्रीन एनर्जी के शेयर की कीमत में 8.8 प्रतिशत (1,126.8 रुपये) और अडाणी एंटरप्राइजेज के शेयर में 7.7 प्रतिशत (2,569.85 रुपये) की वृद्धि देखने को मिली है।

इसके अलावा अडाणी टोटल गैस के शेयरों में 7.1 प्रतिशत (708.45 रुपये), अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस के शेयर 6.6 प्रतिशत (832 रुपये) और अडाणी पोर्ट्स के शेयर 5.4 प्रतिशत (1,190 रुपये) बढ़े। अंबुजा सीमेंट के शेयर भी 4.5 फीसदी और अदाणी विल्मर ने 0.5 फीसदी की वृद्धि दर्ज की।

Ramesh Pandey

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रमेश पांडेय (Ramesh Pandey) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें डिजिटल मीडिया और क्षेत्रीय समाचार रिपोर्टिंग में 20 वर्षों का अनुभव है।