नई दिल्ली, 2025। राजस्थान के बालोतरा जिले के नरेवा खट्टू गांव में कच्ची झोपड़ी में रहने वाले श्रवण कुमार ने NEET 2025 में 556 अंक (700 में से) हासिल कर ऑल इंडिया रैंक (AIR) 9754 प्राप्त की। OBC श्रेणी में उनकी रैंक 4071 रही।
यह उपलब्धि इसलिए खास है। क्योंकि श्रवण के पिता, रेखाराम सियाग, शादियों में बर्तन धोने और मौसमी खेती से परिवार का गुजारा करते हैं। आर्थिक तंगी और संसाधनों की कमी के बावजूद, श्रवण ने मेहनत और जुनून से अपने सपने को साकार किया।
श्रवण कुमार की कहानी लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है। वह दिन में फैक्ट्री में काम करते थे और रात को पढ़ाई। कोचिंग और आत्म-अध्ययन के बल पर उन्होंने NEET की तैयारी की। परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति और गांव में बुनियादी सुविधाओं की कमी ने उनके रास्ते में कई बाधाएं खड़ी कीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उनके माता-पिता ने हमेशा उनका हौसला बढ़ाया, जिससे श्रवण का मनोबल और मजबूत हुआ।
NEET भारत की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है, जिसमें लाखों छात्र हिस्सा लेते हैं। श्रवण की 556 अंकों की उपलब्धि उन्हें सरकारी मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने में सहायक हो सकती है। उनकी इस सफलता ने गांव और सोशल मीडिया पर खूब वाहवाही बटोरी। X पर उनकी कहानी वायरल हो रही है, जहां लोग उनकी लगन की तारीफ कर रहे हैं।
श्रवण कुमार का सपना डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना है। उनकी यह उपलब्धि साबित करती है कि मेहनत और दृढ़ निश्चय के सामने कोई बाधा नहीं टिकती। श्रवण की कहानी उन सभी के लिए प्रेरणा है जो विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सपनों को पूरा करने का हौसला रखते हैं।