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छत्तीसगढ़ के एससी-एसटी उद्यमियों को डिक्की ने दिखाई नई राह, बढ़ाया उत्साह

डिक्की ने छत्तीसगढ़ के एससी-एसटी उद्यमियों को दिखाई नई राह, बढ़ाया उत्साह

रायपुर, 28 जून 2025। दलित इंडियन चैंबर आफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डिक्की) ने शनिवार 28 जून 2025 को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में डॉ. अंबेडकर बिजनेस कॉन्क्लेव का आयोजन किया। इस ऐतिहासिक आयोजन ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदाय के उद्यमियों को एक मंच प्रदान किया। इसमें प्रदेश भर से आये अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदाय के 700 से अधिक व्यवसायी, स्टार्टअप प्रतिनिधि और युवा उद्यमियों ने हिस्सा लिया।

कॉन्क्लेव का आयोजन दलित इंडियन चैंबर आफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डिक्की) के छत्तीसगढ़ चैप्टर द्वारा नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन और स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक आॅफ इंडिया के सहयोग से किया गया। कॉन्क्लेव का प्रमुख उद्देश्य अनुसूचित जाति और जनजाति समुदाय के उद्यमियों को मुख्यधारा में लाना, उनकी उद्यमशीलता को बढ़ावा देना और समावेशी आर्थिक विकास को गति प्रदान करना था।

यह आयोजन न केवल व्यवसायिक अवसरों को बढ़ाने का मंच बना, बल्कि सामाजिक समानता और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ। कार्यक्रम में उद्यमिता के क्षेत्र में नए रास्ते तलाशने, नवाचार को बढ़ावा देने और सामाजिक-आर्थिक बदलाव लाने पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने अपने संबोधन में उद्यमिता को सामाजिक परिवर्तन का एक शक्तिशाली माध्यम बताया। उन्होंने कहा, जाति व्यवस्था ने देश को तोड़ा है, लेकिन अगर अनुसूचित जाति और जनजाति समुदाय के 25% लोग व्यवसाय में आगे आएं, तो देश की जीडीपी में बड़ा योगदान हो सकता है।

हमें उद्यमिता के माध्यम से सामाजिक समानता और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बढ़ना होगा। सरकार उद्यमियों को अधिक सब्सिडी देने पर विचार कर रही है। उन्होंने डिक्की के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह संगठन वंचित वर्गों के लिए नए अवसरों का सृजन कर रहा है और सरकार भी इस दिशा में हर संभव सहयोग प्रदान करने को तैयार है।

छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप ने जनजातीय समुदायों के विकास पर जोर देते हुए कहा, छत्तीसगढ़ की जनजातियों के उत्थान के लिए डिक्की के साथ मिलकर साझा प्रयास किए जाएंगे। हमारा लक्ष्य है कि स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर जनजातीय उद्यमियों को वैश्विक मंच तक पहुंचाया जाए।

डिक्की के संस्थापक और पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित डॉ. मिलिंद कांबले ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में संगठन की 20 साल की यात्रा को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि डिक्की के भारत में 32 और विदेशों में 7 चैप्टर्स सक्रिय हैं, जिनसे 2 लाख से अधिक उद्यमी जुड़े हुए हैं।

उन्होंने जोर देकर कहा, हमारा उद्देश्य युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाना है। सरकार हर युवा को नौकरी नहीं दे सकती, लेकिन अवसर प्रदान कर सकती है। डिक्की वही अवसर निर्माण कर रही है। डिक्की वेस्टर्न इंडिया के प्रेसिडेंट संतोष कांबले ने बताया कि संगठन सार्वजनिक उपक्रमों के साथ मिलकर उद्यमियों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने का कार्य कर रहा है।

इन्हें मिला पुरस्कार

  • अनिकेत टंडन (पोटैटो चिप्स स्टार्टअप) : डॉ. अंबेडकर बेस्ट स्टार्टअप अवार्ड
  • श्रीमती अंजू मेशराम : डॉ. अंबेडकर वुमन एंटरप्राइज अवार्ड
  • राजेश यानम (आर्गेनिक शहद व्यवसाय) : डॉ. अंबेडकर बेस्ट ट्राइबल एंटरप्रेन्योर अवार्ड
  • जीवन रात्रे : डॉ. अंबेडकर फास्टेस्ट ग्रोइंग बिजनेस अवार्ड
  • मनीष बौद्ध : लाइफटाइम बिजनेस अचीवमेंट अवार्ड