रायपुर, 2 जुलाई 2025। आम आदमी पार्टी (आप) की जांच समिति की अध्यक्ष प्रियंका शुक्ला ने बुधवार 2 जुलाई 2025 को प्रेस क्लब रायपुर में बस्तर के बीजापुर जिले के ईरपागुट्टा गांव में हुई पुलिस-नक्सली मुठभेड़ को लेकर गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने दावा किया कि मुठभेड़ में मारे गए महेश कुड़ियाम न तो माओवादी थे, न ही किसी आपराधिक गतिविधि से जुड़े थे। आप की जांच समिति के अनुसार, महेश एक साधारण आदिवासी किसान और सात बच्चों का पिता था, जो स्कूल में रसोइए का काम करता था।
प्रियंका शुक्ला ने बताया कि 6 जून 2025 को महेश अपने भैंसे को खोजने जंगल गया था, लेकिन वह लापता हो गया। 8 जून को पुलिस ने उसकी तस्वीर दिखाकर पुष्टि की कि उसे मुठभेड़ में मार दिया गया और नक्सली करार दिया गया।
महेश की पत्नी सुमित्रा और गांववालों ने दावा किया कि उसका नक्सलवाद से कोई संबंध नहीं था। आप की जांच समिति ने इसे फर्जी मुठभेड़ करार देते हुए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। प्रियंका शुक्ला ने सरकार को चेतावनी दी कि इस घटना की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो आम आदमी पार्टी बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में बड़ा आंदोलन करेगी।
उन्होंने कहा कि आदिवासियों के साथ हो रहे अन्याय को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह मामला छत्तीसगढ़ में पुलिस कार्रवाई और आदिवासी अधिकारों पर बहस को तेज करने वाला है।













