रायपुर, 21 जुलाई 2025। एक और छत्तीसगढ़ी फिल्म, जिसका नाम “माटी” है, जल्द ही रुपहले पर्दे पर छाने वाली है। सोमवार 21 जुलाई को फिल्म की टीम ने रायपुर प्रेस क्लब में मीडिया को इसकी जानकारी दी। कलाकारों की टीम ने बताया कि छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल की माटी, जहां घने जंगल, आदिवासी संस्कृति और जटिल सामाजिक-राजनैतिक परिस्थितियां एक साथ सांस लेती हैं, अब एक नई छत्तीसगढ़ी फीचर फिल्म “माटी” के रूप में सिनेमा के पर्दे पर जीवंत होने जा रही है।
यह फिल्म केवल एक प्रेम कहानी नहीं, बल्कि बस्तर की मानवीय त्रासदी, संघर्ष और आशा का गहरा चित्रण है। फिल्म का कथानक उस दौर को दर्शाता है जब बंदूक की भाषा में संवाद होते हैं, और प्रेम सबसे बड़ा प्रतिरोध बनकर उभरता है।
चन्द्रिका फिल्म प्रोडक्शन के बैनर तले बनी इस फिल्म की कहानी और निर्माण संपत झा ने किया है, जबकि पटकथा, छायालेखन, संपादन और निर्देशन अविनाश प्रसाद ने संभाला है। सहायक निर्देशक के रूप में मनोज पाण्डेय और आशुतोष प्रसाद ने योगदान दिया। कैमरा असिस्टेंट की जिम्मेदारी आदित्य प्रसाद और पदम नाथ कश्यप ने निभाई। फिल्म के गीत-संगीत में मनोज पाण्डेय, संतोष दानी, यशपाल ठाकुर और दिलीप पाण्डेय की मधुर रचनाएं हैं, जबकि राकेश यादव और भूमिका साहा ने कोरियोग्राफी की।
रूपसज्जा और परिधान का कार्य राकेश यादव, रीना बघेल, सविता रामटेके और नीलिमादास मानिकपुरी ने संभाला। बैकग्राउंड म्यूजिक अमित प्रधान ने तैयार किया, और ऑडियोग्राफी नीरज वर्मा ने की है। पोस्ट प्रोडक्शन श्री प्रसाद फिल्म्स ने संभाला, जबकि ग्राफिक्स चिली फिल्म्स और पोस्टर डिजाइनिंग मंडल ग्राफिक्स ने की है। शुभ रंग डिलिवरी और मिलन स्टूडियो ट्रेक रिकॉर्डिंग का हिस्सा रहे। प्रोडक्शन कंट्रोल शिराज गाजी और डिजिटल पार्टनर दिग्विजय वर्मा व क्रिएटिव विजन ने सहयोग दिया।
“माटी” बस्तर के दर्द और उसकी सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाती है, जो छत्तीसगढ़ी सिनेमा को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। यह फिल्म न केवल मनोरंजन, बल्कि सामाजिक संदेश और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनने की उम्मीद है।













