सीडीओ ने बताए पंचायत उन्नत सूचकांक के फायदे, बांदा में दिया गया प्रशिक्षण

बांदा, 1 अगस्त 2025। उत्तर प्रदेश के जिला ग्राम्य विकास संस्थान, बांदा द्वारा राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत सतत विकास लक्ष्यों (SDG) की प्राप्ति के लिए पंचायत उन्नत सूचकांक (PAI-1.0 और 2.0) विषय पर एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन 31 जुलाई 2025 को महर्षि बामदेव सभागार, कलेक्ट्रट, बांदा में किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन जिलाधिकारी श्रीमती जे. रीभा के निर्देशानुसार किया गया, जिसमें जनपद के समस्त विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों, हितधारकों और मीडिया कर्मियों ने भाग लिया।

मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार पाण्डेय ने प्रशिक्षण के दौरान सभी विभागों के अधिकारियों को पंचायत उन्नत सूचकांक के मानकों के अनुरूप कार्य करने और समयबद्ध तरीके से पोर्टल पर सूचनाएं अपलोड करने के निर्देश दिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि ग्राम पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूर्ण किया जाए ताकि पंचायतों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाया जा सके। उन्होंने ग्राम पंचायतों को सतत विकास लक्ष्यों के साथ जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।

जिला पंचायत राज अधिकारी ने बताया कि पंचायत उन्नत सूचकांक (PAI) ग्राम पंचायतों की विकासात्मक प्रगति का मूल्यांकन करने, डेटा-आधारित निर्णय लेने, सुशासन को बढ़ावा देने और उत्कृष्ट प्रदर्शन को प्रोत्साहित करने का एक रणनीतिक साधन है। यह स्थानीय नियोजन को राष्ट्रीय SDG उद्देश्यों के साथ संरेखित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रशिक्षण में स्टेट मास्टर ट्रेनर कन्हैयाराम ने सतत विकास लक्ष्यों के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी, जबकि ईशांत कुमार ने PAI 1.0 और PAI 2.0 के बीच अंतर, उनके कार्यान्वयन और स्कोर कार्ड के प्रयोगात्मक उपयोग की जानकारी प्रदान की।

जिला विकास अधिकारी ने सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण से संबंधित सभी विषयों को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर SDG के लक्ष्यों को लागू करना आवश्यक है। प्रशिक्षण के समापन पर जिला प्रशिक्षण अधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने सभी अधिकारियों और मीडिया कर्मियों से अपील की कि वे पंचायतों को सशक्त बनाने में अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करें।

प्रशिक्षण में जनपद बांदा के उपायुक्त स्वतः रोजगार, परियोजना निदेशक, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, मुख्य कोषाधिकारी सहित लगभग सभी विभागीय अधिकारी और प्रमुख समाचार पत्रों के जिला संवादाता उपस्थित रहे। यह प्रशिक्षण ग्राम पंचायतों के सशक्तीकरण और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ, जो स्थानीय विकास को राष्ट्रीय लक्ष्यों के साथ जोड़ने में सहायक होगा।