रायपुर, 2 अगस्त 2025। जांजगीर-चांपा पुलिस ने 11 लाख 79 हजार 800 रुपये की कथित लूट की घटना को फर्जी करार देते हुए मुख्य आरोपी दीपेश देवांगन को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 1 अगस्त 2025 को दीपेश देवांगन ने बम्हनीडीह थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि वह अपने परिचित किरीत सिन्हा से 11,79,800 रुपये लेकर यूनियन बैंक चांपा में जमा करने जा रहा था। पूछेली, अमोदी गांव के पास तीन अज्ञात व्यक्तियों ने, जिनमें दो ने स्कार्फ और एक ने टोपी पहनी थी, उससे लिफ्ट मांगी। रुकने से इनकार करने पर उन्होंने उसका पीछा किया, बाइक अड़ाकर मारपीट की और नकदी व लैपटॉप लूट लिया।
सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल नाकाबंदी की, साइबर सेल की मदद ली और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। लेकिन, घटनास्थल पर लूट के कोई साक्ष्य नहीं मिले। दीपेश के बयानों में विरोधाभास, देरी से सूचना देना और संदिग्ध व्यवहार के आधार पर कड़ी पूछताछ की गई। अंतत: दीपेश ने कबूल किया कि उस पर 8 लाख रुपये का कर्ज था, जिसे चुकाने के लिए उसने यह राशि गबन की और लूट की झूठी कहानी रची।
पुलिस ने किरीत सिन्हा की शिकायत पर दीपेश के खिलाफ धारा 217, 316(2) बीएनएस (पुलिस को गुमराह करने) के तहत मामला दर्ज किया। जांच में दीपेश के चोरिया स्थित निवास से पूरी राशि 11,79,800 रुपये और लैपटॉप बरामद किया गया। दीपेश ने बताया कि वह 2018 से एकाउंटिंग, खरीदी-बिक्री और हवाला जैसे कार्यों में संलिप्त था, जिसमें मेडिकल, कपड़ा, छड़, सीमेंट और कृषि केंद्रों से लेन-देन शामिल था।
आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है। इस कारर्वाई में साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक सागर पाठक, सहायक उपनिरीक्षक विवेक सिंह, सहबाज खान, प्रदीप दुबे, श्रीकांत सिंह, रोहित कहरा और बम्हनीडीह थाने से सहायक उपनिरीक्षक नीलमणि कुसुम का उल्लेखनीय योगदान रहा। पुलिस ने इस मामले को त्वरित और प्रभावी जांच के साथ सुलझाकर अपनी कायर्कुशलता का परिचय दिया।













