नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े व्यापारिक संगठन कन्फेडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय वाइस चेयरमैन अमर पारवानी की अगुवाई में छत्तीसगढ़ के व्यापारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने संसद का भ्रमण किया। इस प्रतिनिधिमंडल में छत्तीसगढ़ की कैट इकाई के प्रदेश चेयरमेन मगेलाल मालू, विक्रम सिंहदेव, प्रदेश एक्जीक्यूटिव चेयरमेन जितेन्द्र दोशी, प्रदेश अध्यक्ष परमानंद जैन, प्रदेश महामंत्री सुरेन्द्र सिंह एवं प्रदेश कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल शामिल रहे।
अमर पारवानी ने बताया कि कैट के नेतृत्व में संसद में कैट के व्यापारियों के लिए एक विशेष दौरे का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर देशभर से आए लगभग 150 प्रमुख व्यापारी नेताओं को नए और पुराने संसद भवन का भ्रमण कराया गया और उन्हें संसद सत्र का प्रत्यक्ष अनुभव करने का अवसर भी मिला।
श्री पारवानी ने बताया कि इस दौरे का मुख्य आकर्षण तब बना जब कैट व्यापारियों को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने संसद परिसर स्थित अपने मीटिंग कक्ष में संबोधित किया। अपने संबोधन में श्री बिड़ला ने कहा कि कैट व्यापारियों का देशव्यापी संगठन है, जो पूरे देश में व्यापारियों के लिए कार्य कर रहा है। व्यापारी और व्यापार देश की रीढ़ की हड्डी है। व्यापारी न केवल रोजगार सृजित करता है बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने आगे कहा कि बदलते हुए आर्थिक वातावरण को ध्यान में रखते हुए व्यापारियों को अपने स्तर को ऊँचा उठाना होगा। हम सभी को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रयासरत रहना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश को दोहराते हुए कहा कि व्यापारियों को देश और अपने हित मे अब स्वदेशी समान बेचना और खरीदना चाहिए।
लोकसभा अध्यक्ष ने उपस्थित व्यापारियों को आश्वस्त किया कि व्यापार और व्यापारियों से जुड़े मुद्दों को उनके संज्ञान में लाया जाए तो वे अधिक से अधिक व्यापार से जुड़े विषयों को संसद में चर्चा के लिए लाने का प्रयास करेंगे।
श्री पारवानी ने बताया कि इस अवसर पर कैट ने कहा कि देश के व्यापारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं। हम उनके भारतीय सामान खरीदो और बेचो के आह्वान का पूर्ण समर्थन करते हैं और 10 अगस्त से पूरे देश में स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए एक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया जाएगा। यह अभियान भारत के आर्थिक स्वाभिमान को मजबूत करेगा और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
यह आयोजन व्यापारियों के लिए एक ऐतिहासिक क्षण रहा, जब पहली बार व्यापारियों को संसद में इस प्रकार का विशेष स्वागत और लोकसभा अध्यक्ष से सीधे संवाद का अवसर मिला।













