फाउंडेशन ने आईआईएम और एनआईटी को दिया 172 करोड़ रुपये का योगदान
रायपुर, 8 अगस्त 2025। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शिक्षा, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। शुक्रवार 8 अगस्त 2025 को एक ऐतिहासिक परोपकारी पहल के तहत, मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन ने छत्तीसगढ़ के दो प्रमुख शिक्षण संस्थानों, भारतीय प्रबंधन संस्थान को 101 करोड़ और राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान को 71 करोड़ का अनुदान प्रदान किया। इस सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, एनआईटी रायपुर के चेयरमैन डॉ. सुरेश हावरे, आईआईएम रायपुर के चेयरमैन पुनीत डालमिया, एनआईटी के निदेशक डॉ. एन. वी. रमना राव, आईआईएम रायपुर के प्रभारी निदेशक डॉ. संजीव पारासर, स्किल डेवेलपमेंट विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन और सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
यह पहल, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सविर्सेज के चेयरमैन और सह-संस्थापक तथा मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन के ट्रस्टी रामदेव अग्रवाल के लिए व्यक्तिगत तौर पर बेहद खास है। रायपुर के पास, नागपुरा गांव के मूल निवासी, श्री अग्रवाल अपनी जन्मभूमि और शुरुआती शिक्षा की इस भूमि को कुछ लौटाने का संकल्प लेकर यह योगदान दे रहे हैं। उनका यह निवेश ऐसे संस्थानों में हो रहा है, जो इस क्षेत्र के भविष्य को परिभाषित करेंगे।
आईआईएम को क्या मिला
- अग्रवाल ओसवाल स्टूडेंट रेजिडेंस नामक 202 कमरों वाला छात्रावास बनेगा।
- श्री अग्रवाल के दिवंगत पिताजी की स्मृति में ‘दाऊ राम गोपाल अग्रवाल नॉलेज सेंटर’ नामक एक एकेडमिक ब्लॉक का निर्माण होगा।
- इन नए निर्माणों से 2030 तक छात्रों की क्षमता 500 से बढ़कर 1,200 हो जाएगी।
- इस फंडिंग से यूएसए, यूके, फ्रांस और जर्मनी के प्रमुख विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर छह अंतर्राष्ट्रीय दो वर्षीय दोहरी डिग्री वाले एमबीए प्रोग्राम भी शुरू किए जाएंगे।
एनआईटी बनेगा इनोवेशन और उद्यमिता का केंद्र
एनआईटी रायपुर में श्रीमती मिथिलेश अग्रवाल सेंटर आफ एक्सीलेंस फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप इन इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी की स्थापना की जाएगी। यह केंद्र श्री अग्रवाल की स्वर्गीय माताजी की स्मृति में बनाया जाएगा। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ब्लॉकचेन और क्लीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में अत्याधुनिक लैब्स होंगी। लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक 10 हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया जाए, 250 से अधिक स्टार्टअप्स को इनक्यूबेट किया जाए और 5 हजार से अधिक रोजगारों का सृजन किया जाए।
छत्तीसगढ़ से विश्वस्तरीय संस्थान उभरें, ये मेरा सपना
रामदेव अग्रवाल, ट्रस्टी, मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन, ने कहा, छत्तीसगढ़ ही वह जगह है जहां मेरी जड़ें हैं। एक किसान के बेटे के रूप में, मैं इसी धरती के करीब पला-बढ़ा हूं। मेरा सपना है कि इस क्षेत्र से विश्वस्तरीय संस्थान उभरें, जो युवा मनों को एक ऐसा माहौल दें जहां वे प्रेरित, समर्थित और बड़े सपने देखने के लिए आश्वस्त महसूस करें। मोतीलाल ओसवाल, चेयरमैन, मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन ने कहा कि यह पड़ाव मेरे लिए बेहद व्यक्तिगत है। रायपुर ने मुझे एक ऐसा कारोबारी साथी और आजीवन मित्र दिया, रामदेव अग्रवाल, जो इसी पवित्र धरती के बेटे हैं। हमें उम्मीद है कि ये संस्थान रामदेव जैसे सैकड़ों छात्रों को आत्मविश्वास, उद्देश्य और बड़े सपने देखने के साहस के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगे।
किसानों के लिए बनेगा देश का सबसे बड़ा प्रशिक्षण केंद्र
मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन के सह-संस्थापक एवं चेयरमैन रामदेव अग्रवाल ने कार्यक्रम में रायपुर में किसानों हेतु देश का सबसे बड़ा प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ एक अत्यंत समृद्ध प्रदेश है, जिसमें विकास की अपार संभावनाएं हैं। उनका फाउंडेशन इस विकास यात्रा में पूर्णत: समर्पित है। श्री अग्रवाल ने बताया कि फाउंडेशन ने अपनी कुल निधि का 10 प्रतिशत समाज कल्याण के लिए समर्पित करने का निर्णय लिया है, जिसका उपयोग शिक्षा, कौशल और कृषि से संबंधित कार्यों में किया जाएगा।













