रायपुर, 7 सितंबर 2025। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के राजपुर थाना क्षेत्र में गणेश विसर्जन के दौरान हुई एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को शोक और आक्रोश में डुबो दिया। शनिवार शाम विसर्जन जुलूस में डीजे की तेज धुन पर नाचते समय 15 वर्षीय प्रवीण गुप्ता अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मौत का कारण हार्ट अटैक बताया जा रहा है, हालांकि अंतिम पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद होगी।
प्रवीण गुप्ता राजपुर के महुआपारा का निवासी था और स्वामी आत्मानंद स्कूल में कक्षा 8वीं का छात्र था। उसके पिता विकास गुप्ता उर्फ विक्की ठेकेदारी का काम करते हैं। परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, शनिवार 6 सितंबर को प्रवीण दिनभर गणेश पंडालों में पूजा-पाठ और सेवा में व्यस्त रहा। शाम को वह विसर्जन जुलूस में शामिल हुआ और डीजे पर नाचने लगा। नाचते-नाचते अचानक उसे बेचैनी महसूस हुई और वह जमीन पर गिर पड़ा।
दोस्तों ने सीने पर पंपिंग कर उसकी सांसें वापस लाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। बताया जा रहा है कि प्रवीण ने विसर्जन से पहले एनर्जी ड्रिंक भी पी थी, जिससे उसकी स्थिति और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस वाहन से उसे सीएचसी राजपुर लाया गया, जहां डॉक्टर मौजूद नहीं थे। करीब 20 मिनट बाद डॉक्टर पहुंचे और जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
यहीं से परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उनका आरोप था कि अस्पताल में डॉक्टर की अनुपस्थिति और स्टाफ की अभद्रता ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। लोगों ने अस्पताल का घेराव कर जमकर हंगामा किया और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान डॉक्टर को तत्काल हटाने की मांग उठी।
सूचना मिलते ही एसडीएम देवेंद्र प्रधान और थानेदार भारद्वाज सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाकर स्थिति को शांत किया और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। प्रशासन ने पुलिस बल की तैनाती कर किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए हालात पर काबू पाया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में डॉक्टरों की अनुपस्थिति लंबे समय से समस्या बनी हुई है। कई बार शिकायत के बावजूद स्थिति नहीं सुधरी। इस बार लापरवाही ने एक मासूम की जान ले ली। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि 90 डेसीबल से अधिक ध्वनि स्तर बच्चों और हृदय रोगियों के लिए बेहद खतरनाक होता है। तेज आवाज से ब्लड प्रेशर और हृदय की धड़कन पर असर पड़ता है। देश के कई हिस्सों से ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जब डीजे की धुन पर नाचते हुए युवाओं को अचानक हार्ट अटैक आया।
प्रवीण के दोस्तों का कहना है कि वह पूरी तरह स्वस्थ था, लेकिन दिनभर की थकान और तेज आवाज के संयोजन ने उसकी मौत को ट्रिगर कर दिया होगा। फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
यह घटना गणेशोत्सव की खुशियों को गहरे मातम में बदल गई। परिजनों और ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, स्थानीय स्तर पर डीजे की तेज आवाज को लेकर नई बहस छिड़ गई है। लोग अब सवाल उठा रहे हैं कि क्या धार्मिक आयोजनों में अनियंत्रित ध्वनि का इस्तेमाल बंद होना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।














