लाइफ साइंस विषय में 99 परसेंटाइल हासिल कर अनारक्षित वर्ग में 17वां स्थान प्राप्त किया
रायपुर, 11 सितंबर 2025। छत्तीसगढ़ की बेटी श्रेया वर्मा ने असिस्टेंट प्रोफेसर एवं जूनियर रिसर्च फेलोशिप में आल इंडिया 17वीं रैंक हासिल कर कीर्तिमान रच दिया। इस उपलब्धि पर न केवल उनके माता-पिता बल्कि हर छत्तीसगढ़वासी खुद को गर्वान्वित महसूस कर रहा है।
श्रेया बलौदाबाजार-भाटापारा नगर की होनहार बेटी है। उसने अपनी मेधा और लगन से पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा आयोजित असिस्टेंट प्रोफेसर एवं जूनियर रिसर्च फेलोशिप परीक्षा जून 2025 में श्रेया ने लाइफ साइंस विषय में 99 परसेंटाइल हासिल करते हुए अखिल भारतीय स्तर (अनारक्षित वर्ग) में 17वां स्थान प्राप्त किया। यह उपलब्धि न केवल भाटापारा नगर बल्कि संपूर्ण जिला बलौदाबाजार और छत्तीसगढ़ राज्य के लिए गर्व का क्षण है।
16 नवंबर 1998 को जन्मीं श्रेया वर्मा सेवा निवृत्त प्रधान पाठक स्व. वीरेन्द्र कुमार वर्मा एवं शिक्षिका स्व. उषा वर्मा की पौत्री तथा शिक्षक अभिषेक वर्मा एवं अंजली वर्मा की सुपुत्री हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा वेन्डी पब्लिक स्कूल एवं मॉडर्न इंग्लिश मिडियम स्कूल, भाटापारा से प्राप्त की। हाईस्कूल (सीबीएसई) में उन्होंने 9 सीजीपीए हासिल किया, जबकि हायर सेकेंडरी में 88.4% अंक प्राप्त किए।
स्नातक स्तर पर श्रेया ने पं. रविशंकर विश्वविद्यालय, रायपुर से बीएससी बायोटेक्नोलॉजी में 80% अंक हासिल किए। इसके अलावा, आईआईएम-जेएएम (बीटी) परीक्षा में उन्होंने अखिल भारतीय स्तर पर 117वीं रैंक प्राप्त की। स्नातकोत्तर शिक्षा के लिए उन्होंने एनआईटी राउरकेला से एमएससी लाइफ साइंस में 8.4 सीजीपीए हासिल किया। वतर्मान में श्रेया वर्मा राजस्थान के उदयपुर स्थित एम.के. जैन कोचिंग में वरिष्ठ व्याख्याता के रूप में कार्यरत हैं, जहां वे नीट-जेईई के विद्यार्थियों को सफलता के सूत्र सिखा रही हैं।















