नई दिल्ली, 12 सितंबर 2025। देश के नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने शुक्रवार को पद की शपथ ली। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ समेत अन्य लोग उपस्थित रहे।
22 जुलाई की शाम को तत्कालीन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद निर्वाचन आयोग ने चुनाव की घोषणा की थी। एनडीए ने महराष्ट्र के राज्यपाल रहे सीपी राधाकृष्णन और इंडिया गठबंधन ने रिटायर्ड न्यायमूर्ति बी सुदर्शन रेड्डी को उम्मीदवार बनाया था। 9 सितंबर को हुए चुनाव में सीपी राधाकृष्णन ने 152 मतों से जीत दर्ज की थी।
सीपी राधाकृष्णन देश के 15वें उपराष्ट्रपति चुने गये हैं। 2004 से 2007 तक वह तमिलनाडु प्रदेश के भाजपा अध्यक्ष रहे। 2007 में उन्होंने 93 दिनों में 19,000 किलोमीटर लंबी रथ यात्रा की थी। उन्होंने यह यात्रा देश की नदियों को जोड़ने, आतंकवाद के उन्मूलन, समान नागरिक संहिता लागू करने, अस्पृश्यता निवारण और मादक पदार्थों के खतरों से निपटने की मांग को लेकर की थी।
2020 से 2022 तक वह केरल भाजपा के प्रभारी भी रहे। उन्हें संगठन और प्रशासन दोनों क्षेत्रों में मजबूत पकड़ वाला नेता माना जाता है। विनम्र और सुलभ नेता की छवि होने के कारण राधाकृष्णन को उनके समर्थक तमिलनाडु का मोदी कहकर पुकारते हैं।
ओबीसी समुदाय से हैं राधाकृष्णन
देश के 15वें उपराष्ट्रपति ओबीसी समुदाय कोंगु वेल्लार (गाउंडर) से आते हैं। राधाकृष्णन का विवाह सुमति से हुआ है। उनके एक बेटा व एक बेटी हैं। उपराष्ट्रपति पद के लिए एनडीए के प्रत्याशी चुने जाने से पहले तक वह महाराष्ट्र के राज्यपाल थे। वह पिछले साल जुलाई में महाराष्ट्र के राज्यपाल बने थे। इससे पहले, फरवरी 2023 में उन्हें झारखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। झारखंड के राज्यपाल रहते उन्होंने तेलंगाना के राज्यपाल और पुडुचेरी के उप राज्यपाल का अतिरिक्त कार्यभार संभाला था। राधाकृष्णन ने दक्षिण भारत में भाजपा के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
















