प्रतापगढ़, 18 सितंबर 2025। प्रतापगढ़ के नवनियुक्त पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर अपराधियों पर कहर बनकर टूटते हैं। मात्र 8 साल के छोटे से करियर में 60 से ज्यादा एनकाउंटर करने वाले इस अधिकारी की पहचान यूपी पुलिस में ‘बेधड़क’ के रूप में है। दीपक भूकर का जन्म हरियाणा के झज्जर जिले के गुढ़ा गांव में हुआ, जो ओलंपिक पदक विजेता शूटर मनु भाकर का भी पैतृक गांव है।
दीपक भूकर का करियर अपराधियों के खिलाफ सीधी टक्कर से भरा पड़ा है। 8 सालों में 60 से अधिक एनकाउंटर करना कोई मामूली बात नहीं। इनमें से ज्यादातर एनकाउंटर गैंगस्टरों, हत्यारों और माफिया तत्वों के खिलाफ हुए। वे विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और स्थानीय पुलिस टीमों के साथ मिलकर काम करते हैं। उनके नेतृत्व में कई बड़े अपराधी ढेर हो चुके हैं, जिनमें हथियारों का लाइसेंस और गोला-बारूद जब्त किया गया। भूकर का मानना है कि अपराधी को मौका देकर सुधारने का प्रयास किया जाता है, लेकिन अगर वे गोली चलाते हैं, तो जवाब में पुलिस को भी सख्ती बरतनी पड़ती है। यही उनकी ‘बेधड़क’ छवि का राज है।
सबसे चर्चित मामला उमेश पाल हत्याकांड से जुड़ा है। 24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में पूर्व विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना ने पूरे राज्य को हिला दिया। उमेश पाल की हत्या के पीछे माफिया अतीक अहमद का हाथ माना गया। पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और भूकर उस समय प्रयागराज में डीसीपी (सिटी) के पद पर तैनात थे। उनके नेतृत्व में विशेष टीम ने अपराधियों का पीछा किया।
27 फरवरी 2023 को अरबाज नामक आरोपी, जो हत्यारों का ड्राइवर था, एनकाउंटर में मारा गया। फिर 6 मार्च 2023 को विजय चौधरी उर्फ उस्मान, जो उमेश पाल पर पहली गोली चलाने वाला था, को भी एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया। भूकर ने खुद इस ऑपरेशन का नेतृत्व किया।
भूकर की भूमिका यहीं सीमित नहीं रही। उमेश पाल मामले की जांच में उन्होंने अतीक अहमद के वकील खान शौकत हनीफ के खिलाफ आपराधिक साजिश का केस दर्ज कराया। हनीफ ने असद को उमेश पाल की तस्वीरें भेजी थीं। इसी तरह, जुलाई 2023 में अतीक के एक अन्य वकील विजय मिश्रा को गिरफ्तार करवाया। इन कार्रवाइयों से अतीक गैंग की कमर टूट गई।
















