सांसद महेश कश्यप के आमंत्रण पर 4 अक्टूबर को आने का कार्यक्रम तय हुआ
रायपुर, 20 सितंबर 2025। छत्तीसगढ़ के बस्तर का ऐतिहासिक दशहरा इस बार खास रहेगा। नक्सलवाद से मुक्ति की दिशा में तेजी से प्रगति कर रहे क्षेत्र का सांस्कृतिक उत्सव अब राष्ट्रीय स्तर पर चमक बिखेर रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 4 अक्टूबर को जगदलपुर पहुंचकर ऐतिहासिक बस्तर दशहरा के प्रमुख आयोजन मुरिया दरबार में भाग लेंगे। इसकी घोषणा स्वयं अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर की, जहां उन्होंने बस्तर की शांति प्रक्रिया और आदिवासी विरासत की सराहना करते हुए उत्साह जाहिर किया।
अमित शाह ने अपने पोस्ट में लिखा, नक्सलवाद से मुक्ति और शांति की ओर अग्रसर बस्तर अपने पर्व-त्योहार धूमधाम से मना रहा है। आदिवासी संस्कृति और विरासत का प्रमाण 75 दिनों तक मनाया जाने वाला बस्तर दशहरा के ‘मुरिया दरबार’ में आने का निमंत्रण मिला। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उत्सुक हूं। यह निमंत्रण बस्तर सांसद महेश कश्यप ने विशेष रूप से दिया था।
कश्यप ने बताया कि रियासत काल में राजा मुरिया दरबार में बैठकर मांझी-चालाकी की समस्याएं सुनते थे, उसी परंपरा को अब लोकतांत्रिक ढंग से शासन-प्रशासन आगे बढ़ा रहा है। इस वर्ष का मुरिया दरबार सरहसर भवन, जगदलपुर में आयोजित होगा, जहां आदिवासी प्रतिनिधि अपनी मांगें और सुझाव सीधे नेताओं के समक्ष रख सकेंगे।
इस आयोजन में अमित शाह के अलावा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, कैबिनेट मंत्री, सांसद, विधायक और बस्तर राजपरिवार के सदस्य भी उपस्थित रहेंगे। यह पहली बार होगा जब कोई केंद्रीय गृह मंत्री मुरिया दरबार में शिरकत करेंगे, जो क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक क्षण साबित होगा। खास बात यह है कि बस्तर दशहरा समिति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी औपचारिक निमंत्रण भेजा है, जिससे उत्सव की राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा और स्पष्ट हो गई है।
बस्तर दशहरा, दुनिया का सबसे बड़ा उत्सव
बस्तर दशहरा, जो दुनिया का सबसे लंबा 75 दिवसीय उत्सव है, मां दंतेश्वरी की पूजा और आदिवासी एकता का प्रतीक है। मुख्यधारा के दशहरा से अलग, यहां रावण दहन के बजाय विजय रथ यात्रा और सामुदायिक संवाद पर जोर दिया जाता है। गोंड, मुरिया, हल्बा और ध्रुवा जैसे जनजातीय समुदाय अपनी पारंपरिक नृत्य, संगीत और वाद्ययंत्रों के साथ इसमें भाग लेते हैं। 2 अक्टूबर को होने वाली रैनी रथ चुराई की रस्म से उत्सव का चरमोत्कर्ष होगा।
बस्तर के निवासी उत्साहित
केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दौरे को लेकर बस्तर के निवासी उत्साहित हैं। स्थानीय नेता कहते हैं कि यह दौरा विकास और शांति का नया अध्याय लिखेगा। पिछले वर्ष के मुरिया दरबार में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने समिति सदस्यों के मानदेय बढ़ाने के प्रस्ताव पर सहमति दी थी, जो इस बार और विस्तारित हो सकता है। बस्तर दशहरा समिति के उपाध्यक्ष कमल चंद्र भंजदेव ने कहा, यह उत्सव हमारी सांस्कृतिक धरोहर है, जो अब राष्ट्रीय पटल पर है।
13वीं शताब्दी में हुई थी बस्तर दशहरा की शुरुआत
बस्तर दशहरा छत्तीसगढ़ के सबसे त्योहारों में से एक है। ये दुनिया के सबसे लंबे चलने वाले त्योहारों में से एक है, ये 75 दिनों तक चलता है। इसकी शुरुआत 13वीं शताब्दी में राजा पुरुषोत्तम देव के शासनकाल में हुई थी। दंतेवाड़ा में स्थित शक्तिपीठ देवी दंतेश्वरी मंदिर के केंद्र यह त्योहार मनाया जाता है। इसमें मां दंतेश्वरी और स्थानीय देवी-देवताओं का मिलन होता है। इस दौरान एक भव्य रथ यात्रा निकाली जाती है, जिसे पाट जात्रा कहा जाता है।














