• Home
  • बिजनेस
  • सुमित्रा पी श्रीवास्तव बने इंडियन आयल के निदेशक मार्केटिंग, संभाला कार्यभार
सुमित्रा पी श्रीवास्तव बने इंडियनआयल के निदेशक मार्केटिंग, संभाल कार्यभार

सुमित्रा पी श्रीवास्तव बने इंडियन आयल के निदेशक मार्केटिंग, संभाला कार्यभार

मुंबई, 3 अक्तूबर 2025। सुमित्रा पी श्रीवास्तव ने इंडियन आयल में निदेशक (मार्केटिंग) का कार्यभार ग्रहण किया है। उनके साथ इंडियनआयल में तीन दशकों से अधिक का समृद्ध अनुभव जुड़ा है। श्री श्रीवास्तव ने सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक की उपाधि आईआईटी रुड़की से प्राप्त की है और एसपी जैन इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च, मुंबई से एग्जिक्यूटिव एमबीए किया है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने एलपीजी व्यवसाय में चार वर्ष की सेवाओं से की और उसके बाद सेल्स फंक्शन के विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करते हुए व्यवसाय के प्रमुख क्षेत्रों को दिशा दी।

वह डाउनस्ट्रीम आपरेशंस, मार्केटिंग और स्ट्रैटेजी में गहन अनुभव रखने वाले कुशल कार्यकारी हैं। उनका नेतृत्व सहयोगात्मक एवं परिणामोन्मुखी शैली के लिए जाना जाता है। व्यवसाय वृद्धि, लाभप्रदता में वृद्धि और ग्राहक संतुष्टि बढ़ाने में उनकी सफलता का निरंतर रिकॉर्ड रहा है। उन्होंने नॉन-फ्यूल कंवीनियंस स्टोर्स और रिटेल ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट सहित कई प्रमुख परियोजनाओं का सफल नेतृत्व किया है। साथ ही उन्होंने टेक्नोलॉजी और डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा देने वाली कई पहलों को आगे बढ़ाया।

उन्होंने रिटेल ट्रांसफॉर्मेशन ग्रुप के प्रमुख और उत्तर एवं पूर्व भारत के रिटेल बिजनेस हेड के रूप में कार्य किया। साथ ही नई दिल्ली और मुंबई स्थित डिविजनल कार्यालयों का सफल नेतृत्व किया और पश्चिमी उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के सेल्स प्रमुख के रूप में अपनी दक्षता प्रदर्शित की।

राज्य प्रमुख (महाराष्ट्र एवं गोवा) के रूप में उन्होंने सभी प्रमुख उत्पादों और व्यवसायों का संचालन किया। हाल ही में वह कायर्कारी निदेशक (कॉर्पोरेट स्ट्रैटेजी) के रूप में कार्यरत थे, जहाँ उन्होंने ग्राहक संतुष्टि और संचालन क्षमता बढ़ाने हेतु कई रणनीतिक पहल कीं।

नए पद पर श्री श्रीवास्तव इंडियनआयल के व्यापक राष्ट्रीय मार्केटिंग नेटवर्क की रणनीतिक दिशा तय करेंगे। उनका दृष्टिकोण एक अधिक चुस्त, कुशल, तकनीकी रूप से सशक्त एवं विविधीकृत पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने पर केंद्रित है, जो ग्राहक-केन्द्रितता को सर्वोच्च प्राथमिकता देता हो और देश को सतत एवं भविष्य-उन्मुख ईंधनों की ओर अग्रसर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।