सीए चेतन तरवानी ने इस बदलाव की जानकारी साझा की
रायपुर, 5 अक्टूबर 2025। आयकर अधिनियम की धारा 194जे के तहत प्रोफेशनल फीस पर टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स (टीडीएस) की सीमा को बढ़ाकर 50,000 रुपये करने का महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है। यह बदलाव वित्तीय वर्ष 2025-26 से लागू होगा। चार्टर्ड अकाउंटेंट और टैक्स कंसल्टेंट चेतन तरवानी ने एक वीडियो के माध्यम से इस बदलाव की जानकारी साझा की, जो प्रोफेशनल्स और भुगतान करने वालों को सीधे प्रभावित करेगा।
पहले धारा 194जे के तहत, किसी प्रोफेशनल को एक वित्तीय वर्ष में 30,000 रुपये से अधिक का भुगतान करने पर टीडीएस काटना अनिवार्य था। अब नई सीमा 50,000 रुपये निर्धारित की गई है। यह संशोधन छोटे करदाताओं और प्रोफेशनल्स के लिए राहत लेकर आया है। संशोधित नियमों के अनुसार, प्रोफेशनल फीस (जैसे वकील, इंजीनियर, सीए, आकिर्टेक्ट, या विजिÞटिंग डॉक्टर को भुगतान) पर 10% टीडीएस, टेक्निकल सर्विस पर 2% टीडीएस और रॉयल्टी पर 10% टीडीएस लागू होगा। टीडीएस काटने की जिम्मेदारी कंपनियों और पार्टनरशिप फर्मों पर अनिवार्य है।
यह संशोधन छोटे करदाताओं के लिए राहत
वहीं, इंडिविजुअल या हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) को टीडीएस तभी काटना होगा, जब उनके पिछले वर्ष का टर्नओवर 1 करोड़ रुपये से अधिक हो। सीए चेतन तरवानी ने बताया कि यह बदलाव अनुपालन को आसान बनाएगा, लेकिन व्यवसायों को सावधानी बरतनी होगी, क्योंकि टीडीएस नियमों का उल्लंघन भारी पेनल्टी का कारण बन सकता है। तरवानी, जो जीएसटी, आयकर और वित्तीय अनुपालन के क्षेत्र में अपनी सरल व्याख्या के लिए जाने जाते हैं, ने कहा, यह संशोधन छोटे करदाताओं के लिए राहत है, लेकिन सही जानकारी का अभाव दंड का कारण बन सकता है। मेरा उद्देश्य करदाताओं को जागरूक करना है ताकि वे अनुपालन में गलतियां न करें।














