प्रतापगढ़, 10 अक्टूबर 2025। प्रतापगढ़ शहर को दीवाली से पहले सीएम योगी ने बड़ी सौगात दी है। शहर के दहिलामऊ से बराछा के बीच सई नदी पर पुलिस निर्माण की स्वीकृति योगी सरकार ने दी है। इससे न केवल शहर का विस्तार होगा बल्कि यातायात का दबाव भी कम हो जाएगा। साथ ही मां बेल्हा देवी का मंदिर शहर के मध्य हो जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दीवाली से पहले दी गई इस सौगात पर प्रतापगढ़ के पूर्व सांसद संगमलाल गुप्ता ने मुख्यमंत्री का आभार जताया है। श्री गुप्ता ने कहा कि एक साथ सई नदी पर जिरियामऊ, करौंदी घाट सहित दहिलामऊ से बराछा के मध्य पुल के निर्माण के लिए मेरे द्वारा अपने विधायक कार्यकाल में ही अनुरोध किया गया था।
इसके क्रम में दो पुलों के निर्माण की स्वीकृति तत्काल प्रदान कर देने के उपरांत तीसरा पुल कुछ तकनीकी कारणों से लंबित रह गया था। पुन: सांसद रहने के दौरान मेरे द्वारा निरंतर किये जा रहे अनुरोध के क्रम में अप्रैल 2025 में मुख्यमंत्री से भेंट करने पर उसकी महत्ता और आवश्यकता समझाएं जाने पर उन्होंने सहज रूप से उसकी स्वीकार्यता को देखते हुए प्रचलित नियमों को शिथिल कर पुल के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की।
श्री गुप्ता ने बताया कि यह एक अनूठा उदाहरण है कि जनपद मुख्यालय के चतुर्दिक पुलों का जाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कृपा से प्रतापगढ़ को मिल रहा है। अब वर्तमान में जिरियामऊ, बेल्हादेवी, दहिलामऊ, गायघाट, करौदीघाट के साथ-साथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर ही भगवा की चुंगी से गोड़े तक हो रहे निर्माण के दौरान एक अन्य पुल सई नदी के वर्तमान चलायमान पुल के ठीक बगल पूर्व तरफ भी निर्माण आरंभ हो चुका है।
दहिलामऊ के पुल बनने से मिलेगा ये लाभ
उन्होंने बताया कि जनहित और उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने दहिलामऊ के पुल में प्रचलित नियमों को शिथिल करते हुए प्रतापगढ़ से राष्ट्रीय राजमार्ग अमेठी से मुसाफिरखाना जाने वाले मार्ग को मिलाने के लिए दहिलामऊ से वराछा के मध्य पुल की स्वीकृति प्रदान की है।
इसके निर्माण हो जाने के उपरांत अब शहर के पश्चिमी छोर पर रहने वाली आबादी को अंबेडकर चौराहा से भूलियापुर होते हुए दहिलामऊ से सीधे सई नदी पार करके वराछा के मार्ग से होते हुए अमेठी तक जाने वाले मार्ग में जाने की सहायता के साथ-साथ बेल्हा देवी पुल पर लगने वाले जाम से भी छुटकारा प्राप्त हो जाएगा । चौक घंटाघर से लेकर बेल्हा देवी के पुल के मध्य भीड़ को भी कंट्रोल करने में प्रशासन को बड़ी राहत मिलेगी।













