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मानसिक स्वास्थ्य उतना ही महत्वपूर्ण है जितना शारीरिक : डॉ. एके सिंह

मानसिक स्वास्थ्य उतना ही महत्वपूर्ण है जितना शारीरिक : डॉ. एके सिंह

गौरा (प्रतापगढ़), 17 अक्टूबर 2025। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) गौरा में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति लोगों को जागरूक करना और समय पर उपचार की जानकारी प्रदान करना था।

शिविर का शुभारंभ करते हुए चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एके सिंह ने कहा, मानसिक स्वास्थ्य उतना ही महत्वपूर्ण है जितना शारीरिक स्वास्थ्य। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, चिंता और डिप्रेशन आम हो गए हैं। इन्हें नजरअंदाज करने से गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। डॉ. सिंह ने विस्तार से बताया कि मानसिक स्वास्थ्य के लक्षणों में लगातार उदासी, नींद न आना, भूख में कमी, एकाग्रता की कमी और आत्महत्या के विचार शामिल हैं। उन्होंने उपचार के रूप में काउंसलिंग, दवाओं और योग-ध्यान की सलाह दी।

सावधानियां बताते हुए कहा, परिवार का सहयोग लें, धूम्रपान-शराब से दूर रहें और नियमित व्यायाम करें। डॉ. ज्ञानेंद्र मौर्य ने अवसाद के लक्षणों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया, महिलाओं में हार्मोनल बदलाव के कारण डिप्रेशन ज्यादा होता है। शुरुआती लक्षण दिखते ही डॉक्टर से संपर्क करें। डॉ. राजीव कुमार ने चिंता विकार पर चर्चा की, पैनिक अटैक के दौरान सांस लेने की तकनीक अपनाएं। दवा के साथ थेरेपी प्रभावी है।

विकास दीप पटेल ने बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर फोकस किया, स्कूल स्ट्रेस से बच्चे प्रभावित हो रहे हैं। अभिभावक ध्यान दें। नीलेश ने PTSD (ट्रॉमा) के उपचार बताए, अमितेंद्र ने बुजुर्गों की मानसिक समस्याओं पर जोर दिया। संतोष सरोज ने सतर्कता के उपाय साझा किए, सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग तनाव बढ़ाता है, सीमित रखें।

शिविर में फार्मासिस्ट रमाकांत चौरसिया और रवींद्र उपाध्याय ने दवाओं की जानकारी दी। बीपीएम नितिन शर्मा ने ग्रामीणों को स्वास्थ्य कार्ड बनवाने के लिए प्रोत्साहित किया। पीएमडब्ल्यू अंकित सिंह समेत अन्य स्टाफ ने स्टॉल लगाकर फ्री चेकअप किए।